राममंदिर निर्माण को राजस्थान देगा रफ्तार

राममंदिर निर्माण को राजस्थान देगा रफ्तार

जिन खास पत्थरों की कमी थी, वह अब गहलोत सरकार भरपूर देगी : निर्माण को भरतपुर के बंशी पहाड़पुर में दबे गुलाबी-लाल पत्थर की हुई थी मांग लेकिन खनन की नहीं थी अनुमति

जयपुर। राजस्थान की गहलोत सरकार की राम मंदिर के तेज गति से निर्माण में अहम भागीदारी होने जा रही है। मंदिर के निर्माण में जिन गुलाबी-लाल पत्थरों की कमी से रामजन्म भूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट जूझ रही थी, वह अब राजस्थान से दिसम्बर-2021 से भरपूर मात्रा में सप्लाई हो सकेंगे। भरतपुर के बंशी पहाड़पुर इलाके में इन पत्थरों के अथाह भंडार दबे थे, लेकिन वन भूमि होने के कारण खनन मुमकिन नहीं था। गहलोत सरकार ने पिछले दिनों इस जरुरत को समझा और केन्द्रीय वन पर्यावरण व जलवायु मंत्रालय से इस क्षेत्र को वन एरिया से अलग कराने का प्रस्ताव भिजवाया। जिसे 11 जून 2021 को मंजूरी मिल गई। राजस्थान ने 398 हैक्टेयर खनन क्षेत्र विकसित कर लिया है। अब इस क्षेत्र में पहले चरण में 230.64 हैक्टेयर में 39 खनन ब्लॉकों की नीलामी शुरू हो गई है। पहले फेज में 135.94 हैक्टेयर क्षेत्र में 30 ब्लॉक 24 नवम्बर तक और दूसरे फेज में 94.70 हैक्टेयर क्षेत्र के 9 खनन ब्लॉक 3 दिसम्बर तक नीलाम कर दिए जाएंगे। खनन शुरू होते ही पत्थरों की डिमांड राममंदिर के लिए पूरी हो सकेगी।


पहले अवैध खनन था, ना डिमांड पूरी और ना ही राजस्व था
वन क्षेत्र होने से पहले यहां चोरी-छिपे खनन माफिया अवैध खनन करते थे। इसी में से कुछ पत्थर मंदिर के लिए अयोध्या सप्लाई होता था। लेकिन डिमांड के अनुसार आपूर्ति नहीं थी। गहलोत सरकार के संज्ञान में यह आया था तो मंदिर की डिमांड के साथ वैध खनन में बदलने का फैसला किया गया। मंदिर निर्माण को भरपूर पत्थर सप्लाई के साथ राजस्थान सरकार को अब 300 करोड़ की राजस्व प्राप्ति और करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार इससे मिल सकेगा।

राममंदिर निर्माण के लिए सेंड स्टोन डिमांड को देखते हुए सरकार संवेदनशील रही

‘राममंदिर निर्माण के लिए सेंड स्टोन डिमांड को देखते हुए सरकार संवेदनशील रही। सीएम अशोक गहलोत के खुद अथक प्रयास कर बारेठा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से बंशी-पहाडपुर को अलग करवाया। जून में वन मंत्रालय से वन भूमि के डायवर्जन की मंजूरी ली। अब खनन ब्लॉक नीलाम हो रहे हैं। सेंड स्टोन मंदिर को पूर्ण मात्रा में उपलब्ध हो सकेंगे।’
-डॉ.सुबोध अग्रवाल, एसीएस, खान विभाग


सीएम धन्यवाद के पात्र

अयोध्या से मंदिर निर्माण में जुटे लोग आए थे। सीएम से मिलकर पत्थरों की आवश्यकता की बात रखी थी। मैं खुद भी सीएम से उनके साथ मिला था। केन्द्र व राज्य सरकार दोनों का इसमें रोल रहा। राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा और केन्द्रीय वन मंत्रालय ने मंजूरी दी। सीएम का पॉजिटिव रुख रहा। इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं।
- गुलाब चंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष

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