लोकगीत और नृत्य प्रस्तुतियों से सजा ‘आओ झूमे गाएं’ कार्यक्रम, कलाकारों ने दी वाद्य वृंद की प्रस्तुति
भारतीय लोक संस्कृति की विविध छवियों को मंच पर ककिया साकार
जयपुर। प्रकृति, ऋतु-सौंदर्य, लोकधुनों और शास्त्रीय संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों से सजा दर्शक संस्था का वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘आओ झूमे गाएं’ मालवीय नगर स्थित दर्शक कॉलेज ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स के मुख्य सभागार में उल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में हुआ। दर्शक संस्था, दर्शक कॉलेज एवं स्वरमय म्यूजिक एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संपूर्ण निर्देशन संगीत गुरु राजीव भट्ट ने किया। कार्यक्रम की सभी संगीतमय रचनाओं का संगीत संयोजन एवं कंपोजिशन भी उन्होंने ही किया।
इस अवसर पर दर्शक कॉलेज ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट्स के सचिव लोकेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे। प्रकृति और ऋतु के सुरों से हुआ आगाज़ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकृति और मौसम पर आधारित सामूहिक गीतों से हुआ। इन गीतों के बोल कार्यक्रम की संयोजिका प्रोमिला राजीव ने लिखे, जबकि सभी रचनाओं को संगीत गुरु राजीव भट्ट ने अपनी मधुर धुनों से स्वरबद्ध किया।
इसके बाद राग मेघ मल्हार की सामूहिक प्रस्तुति ने वातावरण को सुरमय बना दिया और श्रोताओं को वर्षा ऋतु की मधुर अनुभूति से सराबोर कर दिया। लोकधुनों और वाद्य वृंद ने बांधा समां लगभग 30 कलाकारों द्वारा राग भीम पलासी पर आधारित वाद्य वृंद की प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की गरिमा का प्रभावशाली परिचय दिया। छोटे और बड़े लोकगीतों की सजीव प्रस्तुतियों ने भारतीय लोक संस्कृति की विविध छवियों को मंच पर साकार किया।

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