कनवाडा लघु सिंचाई परियोजना के लिए 120 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण, पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी
जनसंख्या के प्रत्यक्ष या परोक्ष विस्थापन की संभावना नहीं
कनवाडा लघु सिंचाई परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि अवाप्ति एवं मुआवजा वितरण को लेकर सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट तैयार की गई। जल संसाधन की रिपोर्ट के अनुसार कनवाडा लघु सिंचाई परियोजना के लिए 75 प्रतिशत एफटीएल लाइन से 100 प्रतिशत एफटीएल लाइन के मध्य स्थित कुल लगभग 120 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित।
जयपुर। कनवाडा लघु सिंचाई परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित भूमि अवाप्ति एवं मुआवजा वितरण को लेकर सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट तैयार की गई है। जल संसाधन की रिपोर्ट के अनुसार कनवाडा लघु सिंचाई परियोजना के लिए 75 प्रतिशत एफटीएल लाइन से 100 प्रतिशत एफटीएल लाइन के मध्य स्थित कुल लगभग 120 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना से किसी भी प्रकार के रिहायशी भवन, आबादी क्षेत्र अथवा जनसंख्या के प्रत्यक्ष या परोक्ष विस्थापन की संभावना नहीं है, साथ ही पुनर्वासन की आवश्यकता भी नहीं होगी। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि सार्वजनिक उपयोग की न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर है तथा इसके लिए कोई अन्य व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं है।
परियोजना को पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी बताया गया, वहीं इसकी लागत की तुलना में संभावित सामाजिक, आर्थिक एवं कृषि लाभ कहीं अधिक हैं। यह भी जानकारी दी गई कि परियोजना के तहत 75 प्रतिशत एफटीएल लाइन तक का भूमि अर्जन पूर्व में किया जा चुका है तथा शेष भूमि का अधिग्रहण भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाएगा।

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