दूरबीन तकनीक का कमाल, 90 साल की महिला की जटिल दूरबीन सर्जरी सफल
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी
जयपुर। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के चिकित्सकों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जटिल लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी कर उन्हें नई जिंदगी दी। गंभीर पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स (बच्चेदानी खिसकने) के कारण महिला की किडनी प्रभावित हो चुकी थी और उन्हें यूरोसेप्सिस के साथ एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक किडनी डिजीज हो गई थी। हालत इतनी गंभीर थी कि पहले डायलिसिस और डबल-जे स्टेंट लगाने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। बाद में उन्हें आईसीयू से स्ट्रेचर पर नारायणा हॉस्पिटल लाया गया। अस्पताल की कंसल्टेंट यूरोगायनोकोलॉजिस्ट डॉ. इंदिरा सरीन ने जांच में पाया कि प्रोलैप्स के कारण यूरेटर पर दबाव पड़ने से ऑब्स्ट्रक्टिव यूरोपैथी हो गई थी। मरीज की अधिक उम्र, खराब किडनी फंक्शन, संक्रमण और थायरॉयड की समस्या के बावजूद चिकित्सकों ने दूरबीन तकनीक से सफल सर्जरी कर जाली (मेश) की मदद से पेल्विक अंगों को उनकी सामान्य स्थिति में स्थापित किया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी।
उनका सीरम क्रिएटिनिन 4.5 mg/dL से घटकर अगले ही दिन 2 mg/dL पर पहुंच गया, डीजे स्टेंट भी हटा दिया गया और संक्रमण नियंत्रित हो गया। स्वस्थ होने के बाद महिला अपने पैरों पर चलकर घर लौटीं। डॉ. इंदिरा सरीन ने कहा कि कई महिलाएं बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर गर्भाशय खिसकने या पेल्विक फ्लोर संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जबकि समय पर उपचार नहीं मिलने पर इसका असर किडनी तक पहुंच सकता है।

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