एलएसजी जयपुर में काव्य, अध्यात्म एवं दर्शन से सराबोर प्रेरणादायी संध्या आयोजित, लेखा वाशिंगटन ने कहा- व्यक्ति के मन से होती है वास्तविक आजादी की शुरुआत
संध्या का मुख्य आकर्षण लेखा वाशिंगटन का भावपूर्ण काव्य-पाठ
जयपुर। प्रख्यात अभिनेत्री, कवयित्री, कलाकार एवं मूर्तिकार लेखा वाशिंगटन ने कहा कि वास्तविक आजादी की शुरुआत व्यक्ति के मन से होती है। किताबें, कविताएं और कलाकार हमारी सोच को आकार देते हैं, लेकिन समय के साथ उनके प्रति हमारा नजरिया भी बदल सकता है। लेखा रीको मानसरोवर स्थित जयपुर रग्स एक्सपीरियंस सेंटर में लेडीज स्टडी गु्रप (एलएसजी) की ओर से आयोजित रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और सजग जीवनशैली को समर्पित एक प्रेरणादायी एवं आत्मिक संध्या को संबोधित कर रहीं थीं।
इस संध्या का मुख्य आकर्षण लेखा वाशिंगटन का भावपूर्ण काव्य-पाठ रहा। उन्होंने अपने काव्य ‘द आर्ट आॅफ रीवाइल्डिंग’के माध्यम से उपस्थित सदस्यों को अपने वास्तविक स्वरूप से पुन: जुड़ने, जिज्ञासा को अपनाने और उद्देश्यपूर्ण जीवन की सुंदरता को पुन: खोजने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि लम्बे समय से लिखना उनकी आदत रही है और एक वर्ष पहले उन्होंने अपनी पुस्तक लिखकर लोगों तक पहुंचाने का निर्णय लिया। एक कलाकार, इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट, मूर्तिकार, अभिनेता और साथी के रूप में वल लगातार स्वयं को खोजने की यात्रा में है।
काव्य-पाठ के पश्चात जयपुर रग्स के निदेशक योगेश चौधरी के साथ एक रोचक पैनल चर्चा आयोजित की गई। जिसका संचालन एलएसजी जयपुर की अध्यक्ष प्रीति साबू ने किया। इस संवाद में कला, शिल्पकला, रचनात्मकता, जीवन के उद्देश्य तथा तेजी से बदलती दुनिया में अपनी मौलिक पहचान बनाए रखने के साहस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में बताया गया कि ‘रीवाइल्डिंग’ का अर्थ है अपने वास्तविक स्वभाव की ओर लौटना-अपूर्णताओं को स्वीकार करना, रचनात्मकता का पोषण करना तथा प्रामाणिकता, उद्देश्य और मानवीय जुड़ाव पर आधारित जीवन जीना। कार्यक्रम का समापन सार्थक संवाद और नेटवर्किंग के साथ हुआ। जिसने प्रेरणादायी अनुभवों के माध्यम से विचारों को समृद्ध करने, सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने और गहरे मानवीय संबंध स्थापित करने के प्रति एलएसजी जयपुर की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। लेखा वाशिंगटन और योगेश चौधरी ने कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों के सवालों के जवाब भी दिए।

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