विधानसभा स्पीकर ने दिखाई सख्ती, सदस्यों को अंत तक बैठने के दिए निर्देश
मंत्री का जवाब पूरा होने तक सदन में रहे उपस्थित
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अनुदान की मांगों और उनके जवाब पर चर्चा के समय सदन में सदस्यों की उपस्थिति को लेकर सख्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। देवनानी ने सदन में स्पष्ट कहा कि जो भी सदस्य चर्चा में भाग ले, वह मंत्री का जवाब पूरा होने तक सदन में उपस्थित रहे।
जयपुर। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अनुदान की मांगों और उनके जवाब पर चर्चा के समय सदन में सदस्यों की उपस्थिति को लेकर सख्त व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में स्पष्ट कहा कि जो भी सदस्य चर्चा में भाग ले, वह मंत्री का जवाब पूरा होने तक सदन में उपस्थित रहे। अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि जनता ने सभी सदस्यों को सदन में अपनी बात रखने और जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। सालभर में मुश्किल से करीब 30 दिन ही सदन की कार्यवाही चलती है, ऐसे में बोलकर चले जाना और जवाब के समय अनुपस्थित रहना उचित परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सदस्य बोल रहा है, उसका अंत तक मौजूद रहना अनिवार्य होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि परंपरा रही है कि जब किसी मांग पर मंत्री जवाब देते हैं तो मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सदन में उपस्थित रहते हैं। मुख्यमंत्री के भी निर्देश हैं कि सदन की कार्यवाही के दौरान मंत्री उपस्थित रहें। संबंधित मंत्री के साथ अन्य मंत्रियों को भी चर्चा सुनने के लिए सदन में बैठना चाहिए। अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस व्यवस्था का पालन होगा तो सदन की कार्यवाही अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित होगी।

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