जयपुर आरटीओ प्रथम में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक शुरू, अब योग्य चालकों को ही मिलेगा लाइसेंस
सही नियमों की जानकारी और कुशल ड्राइविंग ही लाइसेंस दिला पाएगी
जयपुर आरटीओ प्रथम में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू होने से लाइसेंस प्रक्रिया सख्त हो गई है। पहले दो दिनों में 36 में से सिर्फ 3 आवेदक ही सफल हुए। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार यह पूरी तरह ऑटोमैटिक प्रणाली है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और अब केवल योग्य चालकों को ही लाइसेंस मिलेगा।
जयपुर। जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक शुरू होने के बाद लाइसेंस प्रक्रिया पूरी तरह सख्त हो गई है। अब केवल सही नियमों की जानकारी और कुशल ड्राइविंग ही लाइसेंस दिला पाएगी। ट्रैक के शुरू होने के पहले दो दिनों में कुल 36 आवेदकों ने ड्राइविंग ट्रायल दिया, जिनमें से मात्र 3 आवेदक ही सफल हो सके। इससे साफ है कि अब बिना तैयारी और सही ड्राइविंग कौशल के लाइसेंस मिलना आसान नहीं होगा।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि यह ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर दिल्ली, उड़ीसा सहित कई राज्यों में पहले से ही सफलतापूर्वक लागू है। यह पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप नहीं के बराबर होता है। उन्होंने कहा कि जगतपुरा ट्रैक पर सख्ती बढ़ने के बाद दलाल अब अन्य कार्यालयों का रुख कर रहे हैं, लेकिन जयपुर में अब केवल योग्य लोगों को ही लाइसेंस दिया जाएगा। रोड सेफ्टी के लिए लाइसेंसिंग सबसे अहम पहलू है और यह पहल उसी दिशा में बड़ा कदम है।

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