निर्माण कार्य बिलों की जांच में मनमाने आक्षेप पर रोक : कोषाधिकारियों को निर्देश, चेकलिस्ट के अनुसार ही करें परीक्षण
उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कोषाधिकारी स्वयं उत्तरदायी
वित्त विभाग ने निर्माण कार्यों से जुड़े बिलों की जांच को लेकर सभी कोषाधिकारियों को फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए। विभाग ने कहा है कि बिलों की जांच निर्धारित परिपत्र और चेकलिस्ट के अनुसार ही की जाए तथा तकनीकी प्रकृति के अनावश्यक आक्षेप लगाने से बचा जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
जयपुर। वित्त (जी.एण्ड.टी) विभाग ने निर्माण कार्यों से जुड़े बिलों की जांच को लेकर सभी कोषाधिकारियों को फिर से स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि बिलों की जांच निर्धारित परिपत्र और चेकलिस्ट के अनुसार ही की जाए तथा तकनीकी प्रकृति के अनावश्यक आक्षेप लगाने से बचा जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। विभागीय परिपत्र के अनुसार 18 मार्च 2016 को जारी निर्देशों में निर्माण विभागों द्वारा किए जाने वाले निर्माण कार्यों के वित्तीय संव्यवहार को कोषालय के माध्यम से करने और बिलों की जांच के लिए स्पष्ट बिंदु तय किए गए थे। परिपत्र की क्रम संख्या 15(बी) में कोषालय स्तर पर जांच योग्य बिंदु तथा 3(के) में संलग्न चेकलिस्ट के अनुसार बिल पारित करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद WAM प्रणाली लागू होने पर वित्त (आर्थिक मामलात) विभाग ने 5 मई और 20 मई 2016 को भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्माण कार्य बिलों पर अनुचित आक्षेप लगाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वित्त विभाग के संज्ञान में आया है कि वर्तमान में कुछ कोषाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया और चेकलिस्ट से हटकर तकनीकी विषयों से जुड़े आक्षेप लगा रहे हैं, जिससे बिल पारित होने में अनावश्यक देरी हो रही है। इसी को देखते हुए विभाग ने सभी कोषाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे 18 मार्च 2016 के परिपत्र और 20 मई 2016 के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कोषाधिकारी स्वयं उत्तरदायी माने जाएंगे।

Comment List