जयपुर में पेयजल को लेकर सतर्कता का मामला : दैनिक नवज्योति की खबर पर लिया मानवाधिकार आयोग ने प्रसंज्ञान, 16 फरवरी को मांगी जलदाय विभाग से रिपोर्ट
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जयपुर में सतर्कता
दैनिक नवज्योति की ओर से उठाए गए मुद्दे पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को प्रसंज्ञान लिया। आयोग ने जलदाय विभाग से 16 फरवरी को तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी। दैनिक नवज्योति ने अपने 7 जनवरी के अंक में पृष्ठ संख्या 8 पर समाचार जयपुर में हालात अभी नियंत्रण में है, लेकिन पुरानी व्यवस्था और बढ़ती आबादी को देखते हुए सतर्कता जरूरी शीर्षक से प्रकाशित किया था।
जयपुर। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जयपुर में सतर्कता को लेकर दैनिक नवज्योति की ओर से उठाए गए मुद्दे पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने बुधवार को प्रसंज्ञान लिया है। आयोग ने जलदाय विभाग से 16 फरवरी को तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दैनिक नवज्योति ने अपने 7 जनवरी के अंक में पृष्ठ संख्या 8 पर समाचार जयपुर में हालात अभी नियंत्रण में है, लेकिन पुरानी व्यवस्था और बढ़ती आबादी को देखते हुए सतर्कता जरूरी शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया है कि अगर सावधानी नहीं बरती, तो जयपुर में भी इंदौर जैसे हालत बन सकते हैं।
समाचार में यह भी सलाह दी गई है कि कई जगह पानी की लाइने सीवरेज की लाइन से सटी हुई और पुरानी है, उनको बदलना आवश्यक है। आयोग ने प्रसंज्ञान लेते हुए जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, संभागीया आयुक्तों और जिला कलक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सभी पानी की लाइनों की जांच करें और तय करें कि यह लाइनें मानकों के अनुरूप हैं। इसके साथ ही सीवरेज से सटी हुई पानी की लाइनों को अलग करें। पानी के क्लोरिनेशन पर विशेष ध्यान दें, जिससे आमजन को साफ और स्वच्छ पानी मिले।

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