मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का उद्घाटन, बोले- राजस्थान का पत्थर हमारी विरासत भी है और भविष्य भी
मीडिया और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त
जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर सीतापुरा स्थित मुग्धा कन्वेंशन हॉल में आयोजित भव्य समारोह में माननीय भजनलाल शर्मा ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही 5 से 8 फरवरी तक चलने वाले चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्टोन उद्योग आयोजन का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा स्थित मुग्धा कन्वेंशन हॉल में आयोजित भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही 5 से 8 फरवरी तक चलने वाले चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्टोन उद्योग आयोजन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, माननीय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अपर मुख्य सचिव उद्योग श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव खान विभाग टी. रविकांत, रीको के कार्यकारी निदेशक डॉ. आकाश तोमर, लघु उद्योग भारती के संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र, आर.के. मार्बल के अध्यक्ष अशोक पाटनी, प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज, तथा इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के संयोजक श्री नटवरलाल अजमेरा और सीडॉस के उपाध्यक्ष श्री दीपक अजमेरा सहित देश-विदेश से आए अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा: आयोजन केवल व्यापार नहीं, संस्कृति और उद्योग का संगम
उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट केवल व्यापारिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिल्प परंपरा और औद्योगिक शक्ति का साझा मंच है। उन्होंने मंचासीन उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, संगठन मंत्री प्रकाश चंद, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, व्यापारियों और श्रमिकों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज दुनिया भारत को निवेश और बाज़ार के रूप में देख रही है, और संगमरमर व सैंडस्टोन जैसे प्राकृतिक संसाधन निवेश के लिए उभरते हुए क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 85 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और लगभग हर जिले की अपनी विशिष्ट स्टोन पहचान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रतिष्ठित भवनों में राजस्थान के पत्थर का उपयोग हुआ है। राजस्थान के पत्थर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक बार सही निर्माण हो जाए तो मेंटेनेंस बेहद कम होता है।
एमएसएमई, श्रमिक सम्मान और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ज़ोर
मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट–वन स्टोन के विज़न को साझा करते हुए एमएसएमई, छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने श्रमिकों के सम्मान, उचित मजदूरी, सुरक्षा और स्किल एन्हांसमेंट कार्यक्रमों को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे टीम बनाकर आगे बढ़ें, आधुनिक तकनीक अपनाएँ और राजस्थान के पत्थर को वैश्विक बाज़ार तक पहुँचाएँ। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़: राजस्थान में इतिहास लिखने की ज़रूरत नहीं, यहाँ पत्थर खुद बोलते हैं
इसके पश्चात राजस्थान सरकार के माननीय उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, स्टोन इंडस्ट्री लीडर्स, मीडिया प्रतिनिधियों और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जहाँ इतिहास लिखने की ज़रूरत नहीं पड़ती, यहाँ पत्थर खुद बोलते हैं। वर्ष 2007 में शुरू हुआ इंडिया स्टोनमार्ट आज अपने 13वें संस्करण में पहुँच चुका है और अब यह एक वैश्विक मंच बन गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार स्टोनमार्ट में ईरान, इटली, तुर्की और चीन से 66 अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भाग ले रही हैं, जो आयोजन की ग्लोबल पहचान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार स्टोन इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकार में फाइलें दौड़ती हैं, उद्यमी नहीं।
रूड़ा द्वारा आयोजित शिल्पग्राम बना आकर्षण का केंद्र : इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के अंतर्गत ग्रामीण गैर-कृषि विकास अभिकरण (रूड़ा) द्वारा आयोजित शिल्पग्राम भी आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा। शिल्पग्राम में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकारों और कारीगरों ने अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और निर्माण तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने शिल्पग्राम का अवलोकन करते हुए इस पहल की सराहना की और इसे ग्रामीण गैर-कृषि आजीविका, स्वरोजगार और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बी2बी मीटिंग्स और ग्लोबल नेटवर्किंग का मंच
इंडिया स्टोनमार्ट 2026 में B2B मीटिंग्स, उद्योग संवाद, निर्यात-निवेश चर्चा और नेटवर्किंग सेशन आयोजित किए जा रहे हैं। देश-विदेश से आए खरीदार, आर्किटेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और स्टोन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने प्रदर्शनी में विशेष रुचि दिखाई। यह आयोजन अब तक के सबसे बड़े क्षेत्रफल में आयोजित किया गया है, जहाँ स्टोन, मशीनरी, नई तकनीक, डिजाइन और वैल्यू-एडिशन से जुड़े स्टॉल्स लगाए गए हैं।
पहला दिन रहा बेहद सफल, आगे और भी अहम सत्र : इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का पहला दिन अत्यंत सफल और उत्साहपूर्ण रहा। प्रदर्शनी में भारी संख्या में विज़िटर्स की मौजूदगी दर्ज की गई। आगामी दिनों में बी2बी बैठकें, तकनीकी सत्र, उद्योग संवाद और निर्यात-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नटवरलाल अजमेरा ने दिया धन्यवाद ज्ञापन : समारोह के अंत में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के संयोजक नटवरलाल अजमेरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, अतिथियों, सहभागियों, मीडिया और आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

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