मुद्रा बाजार: अमेरिकी चुनावों के नतीजों और कच्चे तेल में गिरावट से रुपया मजबूत, दो हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचा
USD/INR के लिए 94.00-94.10 का दायरा बना मजबूत सपोर्ट
मुंबई। भारतीय मुद्रा बाजार में गुरुवार शानदार तेजी देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज शुरुआती कारोबार में मजबूत होकर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर 94.35 पर खुला, जो पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) के बंद स्तर 94.64 के मुकाबले 29 पैसे की बड़ी बढ़त दर्शाता है। दोपहर के कारोबार के दौरान इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में डॉलर-रुपए (USD/INR) की विनिमय दर 94.39 के आसपास बनी हुई है।
रुपये में तेजी के मुख्य कारण:
1. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड पिछले सत्र में लगभग 8.7% गिरकर 100 डॉलर के नीचे आने के बाद आज 1% की और गिरावट के साथ $93.50 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) पर दबाव कम हुआ है और रुपये को सपोर्ट मिला है।
2. कमजोर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY): दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स आज 0.25% गिरकर 101.25 के स्तर पर आ गया है, जो इसके एक महीने के निचले स्तर के करीब है।
3. यूएस मिडटर्म इलेक्शन के नतीजे: अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके और डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत स्थिति के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर अमेरिका-ईरान संघर्ष) को कूटनीतिक बातचीत से सुलझाया जा सकेगा। इससे बाजार में जोखिम उठाने की भावना (Risk-on sentiment) बढ़ी है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का नजरिया:
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में USD/INR जोड़ी के लिए 94.00 से 94.10 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (Support) के रूप में कार्य करेगा, जबकि ऊपरी स्तर पर 94.90 से 95.00 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस (Resistance) देखा जा सकता है।

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