शराब पीकर वाहन चलाना बन रहा मौत का सफर : शराब का नशा चढ़ा, समझ उतरी...सड़क बनी मौत का मैदान
पहली बार भारी वाहनों को शराब पीकर चलाने पर शिकंजा
जयपुर। शराब का नशा उतरने में कुछ घंटे लगते हैं, लेकिन नशे में की गई ड्राइविंग से होने वाला हादसा कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देता है। नशे में वाहन चलाते समय चालक की निर्णय लेने की क्षमताए प्रतिक्रिया की गति और सड़क पर खतरे को पहचानने की क्षमता कमजोर हो जाती है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जयपुर रेंज पुलिस ने कार्रवाई करना शुरू किया तो 92 ट्रक चालक शराब पीकर वाहन चलाते हुए पाए । साथ ही 492 हल्के वाहन चालक भी शराब के नशे में धुत मिले।
शराब पीने के बाद क्यों बढ़ते हादसे ?
नशे में चालक को वाहन की गति सामान्य से कम महसूस हो सकती है और सामने आने वाली स्थिति का अनुमान लगाने में देरी होती है। इसके अलावा ब्रेक लगाने और खतरे पर प्रतिक्रिया देने में समय बढ़ जाता है।
12 लाख से ज्यादा चालान 79.78 करोड़ का जुर्माना :
जयपुर रेंज की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 6 सितंबर 2025 से 9 अगस्त 2026 तक जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर और दौसा में विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन 11 लाख 97 हजार 682 कार्रवाई की गईं। इन मामलों में 79.78 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया।
दो बड़े हादसे :
जयपुर का हरमाड़ा हादसा:13 मौतें- 3 नवंबर 2025 को जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में न्यू लोहमंडी रोड पर तेज रफ्तार डंपर ने एक के बाद एक 17 से ज्यादा वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में अंतिम रूप से 13 लोगों की मौत हुई। डंपर चालक कल्याण मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार किया और जांच में नशे में वाहन चलाने की पुष्टि हुई।
नशे में गाड़ी दौड़ाई- दौसा में 18 नंबर, 2024 को लालसोट के लाडपुरा में बारात के दौरान युवकों ने गाड़ियां दौड़ा दी जिससे एक की मौत हो गई, 7 घायल हो गए। झुंझुनूं में शराब के नशे में गाड़ी चला कर एक युवक को कुचल दिया।

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