शहरी निकायों की आय बढ़ाने पर जोर, राज्य वित्त आयोग करेगा सुझावों पर गंभीरता से विचार
आधारभूत सुविधाएं और विकास कार्यों का दबाव
जयपुर। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने बुधवार को स्थानीय स्वशासन विभाग (डीएलबी) मुख्यालय में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, संसाधनों और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में नगर निकायों की आय बढ़ाने, कर संग्रह व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्राप्त सुझावों में कई प्रक्रियात्मक सुधारों से जुड़े हैं, जिन पर आयोग गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों से कर संग्रह सुनिश्चित हो और प्राप्त राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जा सके।
उन्होंने बताया कि बैठक में क्षेत्र निर्धारण (एरिया डिमार्केशन), मैनपावर की कमी, विकास संबंधी चुनौतियों तथा भवनों के समुचित डेटा के अभाव जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। भवनों का सटीक रिकॉर्ड नहीं होने से संपत्ति कर संग्रह प्रभावित हो रहा है। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि भविष्य में प्रदेश में शहरीकरण तेजी से बढ़ेगा और लगभग 47 से 50 प्रतिशत आबादी शहरों में निवास करेगी। ऐसे में नगरीय निकायों पर आधारभूत सुविधाएं और विकास कार्यों का दबाव भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रतिभागियों ने आयोग से नगरीय निकायों के लिए वित्तीय संसाधनों और फंड में वृद्धि की अनुशंसा करने का सुझाव दिया है। आयोग सभी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें अपनी अंतिम अनुशंसाओं में शामिल करने पर विचार करेगा।

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