फर्जी एफएमजी प्रमाणपत्र कांड : 3 विदेशी MBBS डॉक्टर गिरफ्तार, 100 से अधिक संदिग्ध चिह्नित
चार फरवरी को दर्ज हुआ था मामला
जयपुर। एसओजी ने फर्जी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (एफएमजी) स्क्रीनिंग परीक्षा प्रमाण पत्र के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन और मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप हासिल करने के मामले में तीन विदेशी एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 100 से अधिक लोगों को चिह्नित किया जा चुका है जबकि राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित 30 आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार भानाराम माली, शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर ने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने तथा राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने के लिए कथित तौर पर प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए लिए।
चार फरवरी को दर्ज हुआ था मामला :
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि 4 फरवरी 2026 को दर्ज हुए मामले में जांच की तो सामने आया कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले ऐसे लोगों के फर्जी एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा प्रमाण पत्र तैयार किए गए जो निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए थे। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कराई गई।
आशीष शर्मा : 25 लाख देकर बनवाया प्रमाणपत्र
गिरफ्तार आशीष कुमार शर्मा निवासी डीग ने कजाकिस्तान से 2021 में एमबीबीएस किया। एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा तीन बार देने के बावजूद उत्तीर्ण नहीं हो सका। इसके बाद उसने आरोपी शुभम गुर्जर, निवासी दौसा के माध्यम से कथित तौर पर 25 लाख रुपए में फर्जी एफएमजी प्रमाणपत्र बनवाया। इसी के आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज करौली में से इंटर्नशिप की। शुभम गुर्जर इस मामले में पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक अभिरक्षा में है।
राजेंद्र यादव : आठ बार परीक्षा में रहा असफल
दूसरे गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र कुमार यादव निवासी मुरलीपुरा ने चीन से 2006 से 2012 के बीच एमबीबीएस किया और 2012 में भारत लौटा। उसने एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा आठ बार दी लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद बहरोड़ निवासी संदीप के माध्यम से कथित तौर पर 29 लाख रुपए में फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन के लिए आवेदन किया। वर्तमान में वह अपनी डॉक्टर पत्नी के अस्पताल में प्रबंधन का काम देख रहा है।
नरेश रोलानिया : 26 लाख देकर प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप
नरेश रोलानिया निवासी कोटपूतली-बहरोड़ ने कजाकिस्तान से 2021 में एमबीबीएस किया था। एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा तीन बार विफल रहने के बाद रिश्तेदार नरेंद्र के माध्यम से 26 लाख रुपए में फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया और उदयपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की। नरेश वर्तमान में कोटपूतली के एक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में बिना एफएमजी स्क्रीनिंग परीक्षा पास किए, बिना राजस्थान मेडिकल काउंसिल पंजीयन के इलाज कर रहा था।

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