इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने पर अब होगी कार्रवाई, दोबारा गलती पर लगेगा जुर्माना
नए प्रावधानों की पालना के लिए दिशा-निर्देश जारी
जयपुर। देशभर में 15 अगस्त से मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान और जुर्माना वसूली की व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। केंन्द्र सरकार की ओर से लागू किए गए जन विश्वास अधिनियम-2026 के तहत मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-200 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से गत 24 जुलाई को अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद परिवहन विभाग ने भी नए प्रावधानों की पालना के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। इससे सड़क पर चालान वसूली की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नए नियमों के अनुसार अब परिवहन विभाग के निरीक्षक और ट्रैफिक पुलिस अधिकारी केवल 11 प्रकार के अपराधों में ही मौके पर जुर्माना वसूल सकेंगे। इसके अलावा कई अपराधों को तत्काल जुर्माना लगाने की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। परिवहन विभाग के अनुसार संशोधित प्रावधानों के तहत कई मामलों में अब न्यायालय के माध्यम से कार्रवाई की जा सकती है।
पहली बार चेतावनी, बाद में कार्रवाई : नए प्रावधानों में तीन प्रकार के अपराधों के लिए अलग व्यवस्था लागू की गई है। इन मामलों में पहली बार गलती करने पर केवल लिखित चेतावनी या समझाइश दी जाएगी। दूसरी बार वही गलती दोहराने पर जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि तीसरी बार अपराध करने पर अधिक कठोर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। बिना पंजीयन के वाहन चलाने, सड़क सुरक्षा और वायु प्रदूषण से जुड़े मामलों तथा इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने जैसे मामलों में यह व्यवस्था लागू होगी।
ओवरलोड वाहनों को लेकर संशय बरकरार : सबसे बड़ा सवाल ओवरलोड वाहनों पर होने वाली कार्रवाई को लेकर बना हुआ है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि किस प्रकार वसूल की जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार करीब 27 प्रकार के अपराधों में कार्रवाई की प्रक्रिया अभी निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि अधिकांश मामलों का निपटारा अब न्यायालय के जरिए किया जाएगा। इसको लेकर अपर परिवहन आयुक्त ओपी बुनकर ने आदेश जारी किए है।
इन 11 मामलों में मौके पर लगेगा जुर्माना :
बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 5 हजार रुपए।
नाबालिग के वाहन चलाने पर 5 हजार रुपए।
गलत तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस लेने पर 10 हजार रुपए।
वाहन में अनधिकृत परिवर्तन करने पर 5 हजार से 1 लाख रुपए तक जुर्माना।
गलत पुर्जों के उपयोग पर 1 लाख रुपए तक जुर्माना।
तेज गति से वाहन चलाने पर 1 से 2 हजार रुपए।
वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करने पर 1 से 5 हजार रुपए।
दोबारा अपराध करने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना।
रेसिंग करने पर 5 से 10 हजार रुपए तक जुर्माना।
फर्जी दस्तावेजों से पंजीयन कराने पर वार्षिक कर का 10 गुना जुर्माना।
वाहन के मैकेनिज्म से छेड़छाड़ करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना।

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