संशोधित अनुमान 2025-26 के उपयोग को लेकर वित्त विभाग के दिशा-निर्देश जारी
बजट आवंटन पर वित्त विभाग के सख्त निर्देश
राजस्थान वित्त विभाग ने IFMS में संशोधित अनुमान 2025-26 के उपयोग हेतु निर्देश जारी किए हैं। बजट अंतिमकरण समितियों (BFC) के निर्णय के आधार पर विभागों को निर्धारित प्रावधानों के भीतर ही व्यय करने को कहा गया है।
जयपुर। वित्त विभाग (बजट प्रभाग) ने एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) में संशोधित अनुमान 2025-26 के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने बताया कि बजट अंतिमकरण समितियों (Budget Finalization Committees) की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं, जिनमें 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए विभागों की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है। इस आकलन के आधार पर संबंधित विभागों के लिए आवश्यक प्रावधान IFMS में उपलब्ध करा दिए गए हैं।
वित्त विभाग ने बजट नियंत्रक अधिकारियों (BCOs) को निर्देश दिए हैं कि यदि IFMS में उपलब्ध कराए गए प्रावधान बजट अनुमान 2025-26 से अधिक हैं, तो इस अतिरिक्त राशि को अनुपूरक अनुदान (Supplementary Grant) में शामिल किए जाने का प्रस्ताव निर्धारित समय सीमा में वित्त विभाग को भेजना सुनिश्चित करें। वहीं, यदि ये प्रावधान बजट अनुमान से कम हैं, तो संबंधित बजट शीर्ष के अंतर्गत व्यय को केवल उपलब्ध प्रावधानों तक ही सीमित रखा जाए।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बजट अंतिमकरण समिति की बैठकों के बाद वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत किसी भी अतिरिक्तता या पुनर्विनियोजन (re-appropriation) का यदि IFMS में परिलक्षित नहीं हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत वित्त विभाग को दी जाए।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि IFMS में उपलब्ध कराए गए प्रावधानों के उपयोग के लिए विभागों को अलग से कोई फाइल वित्त विभाग को भेजने की आवश्यकता नहीं है।

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