‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ : संयुक्त सैन्य ताकत और सटीक रणनीति का प्रदर्शन, भारत ने हासिल की बड़ी सफलता
भारत ने कुल नौ सटीक हमले किए
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर सेना ने इसे भारत की नई सैन्य रणनीति का “गोल्ड स्टैंडर्ड” बताया। थल, वायु, नौसेना और BSF के संयुक्त प्रयास से पाकिस्तान और POK में नौ सटीक हमले कर आतंकी ठिकाने नष्ट।
जयपुर। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चारों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने ऑपरेशन को भारत की नई सैन्य रणनीति का मॉडल बताया। डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन को दुनिया में “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना गया और थल, वायु, नौसेना व BSF के संयुक्त प्रयास से इसे अंजाम दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, भारत ने कुल नौ सटीक हमले किए, जिनमें सात सेना और दो वायुसेना द्वारा किए गए। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उनके कमांड-कंट्रोल सिस्टम को ध्वस्त किया गया।
रियल-टाइम इंटेलिजेंस और मल्टी-डोमेन समन्वय को ऑपरेशन की सफलता का प्रमुख कारण बताया गया। एयर और नेवल पावर की अहम भूमिका डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ अवधेश कुमार भारती ने इसे पहलगाम हमले के जवाब में निर्णायक कार्रवाई बताते हुए कहा कि भारत ने बिना अनावश्यक नुकसान के लक्ष्य हासिल किए। वहीं नौसेना के ए. एन. प्रमोद ने बताया कि उत्तरी अरब सागर में युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर और पनडुब्बियां तैनात कर युद्ध तैयारी सुनिश्चित की गई। मल्टी-डोमेन युद्ध क्षमता का उदाहरण डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ज़ुबिन ए. मिनवाला ने कहा कि साइबर, स्पेस और सूचना क्षेत्र में संयुक्त रणनीति ने भारत की नई सैन्य क्षमता साबित की। उन्होंने इसे रक्षा सुधारों और सीडीएस पद की स्थापना का परिणाम बताया। स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब 65% रक्षा उपकरण भारत में बन रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कवि दुष्यंत कुमार ने संबोधित किया।

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