मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता राजस्थान, 2 वर्षों में 12,647 करोड़ यूनिट हरित ऊर्जा उत्पादन का रिकॉर्ड
“सोलर कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में अपनी पहचान मजबूत की
राजस्थान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में गैर-पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में देश का “एनर्जी इंजन” बना। राज्य ने 2 वर्षों में 12,647 करोड़ यूनिट हरित ऊर्जा उत्पादन। सौर, पवन व बायोमास ऊर्जा में वृद्धि। स्थापित सौर क्षमता 41 हजार मेगावाट से अधिक पहुंची जिससे राजस्थान “सोलर कैपिटल ऑफ इंडिया” बना।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान गैर-पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का “एनर्जी इंजन” बनकर उभरा है। राज्य ने विगत दो वित्तीय वर्षों में 12 हजार 647 करोड़ यूनिट से अधिक हरित ऊर्जा उत्पादन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश ने सौर ऊर्जा उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान हासिल करते हुए “सोलर कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। वर्ष 2024-25 में राजस्थान में 4 हजार 910 करोड़ यूनिट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन हुआ, जबकि 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 5 हजार 992 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच गया।
सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन, बायोमास और हाइड्रो ऊर्जा उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर क्षेत्रों में पवन ऊर्जा उत्पादन तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन, सोलर पार्क विस्तार और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसी नीतियों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राजस्थान की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 41 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है।

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