हनुमान बेनीवाल का भाजपा सरकार पर हमला : खाद्य नमूनों में 22 फीसदी नमूने फेल, बोले - सफलता के ढिंढोरे पीट रही सरकार
कड़ी कार्रवाई की मांग
जयपुर। आरएलपी प्रमुख सांसद हनुमान बेनीवाल ने खाद्य दिवस के मौके पर राज्य सरकार पर हमला बोला है। बेनीवाल ने कहा है कि आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस है, राजस्थान सीएम ने इस दिवस की बधाई देकर इतिश्री कर ली, लेकिन उन्हें अपनी जिम्मेदारी को केवल बधाई तक सीमित ना रखते हुए राजस्थान की जनता को यह बताना चाहिए कि वर्ष 2022 से 2026 तक लिए गए 69,287 खाद्य नमूनों में से 15,644 नमूने अमानक पाए गए, लेकिन इतनी बड़ी मिलावटखोरी के बावजूद सिर्फ 3 लाइसेंस ही क्यों निलंबित किए गए। वर्तमान सरकार और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के समय से जुड़े यह आंकड़े प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत को लेकर सरकार के दावों की पोल खोल रही है और जनता के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब लाखों लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है, तो कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित क्यों है? क्या जुर्माना भरकर मिलावटखोरों को फिर से जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की खुली छूट दे दी जाती है।
सरकार को यह समझना चाहिए कि मिलावट केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि जनता के जीवन और स्वास्थ्य के खिलाफ बड़ा अपराध है। जब लाखों परिवारों की थाली में जहर परोसा जा रहा था, तब जिम्मेदार विभाग क्या कर रहे थे। अगर हजारों मामलों में मिलावट साबित हुई, तो फिर कार्रवाई केवल जुर्माना वसूलने तक ही क्यों सीमित रही ? क्या राजस्थान में मिलावटखोरों के लिए कानून का मतलब सिर्फ जुर्माना भरो और मिलावटखोरी जारी रखो रह गया है।
राजस्थान की जनता यह जानना चाहती है कि 22.6 प्रतिशत नमूने फेल होने के बावजूद आखिर सरकार किस बात की सफलता का ढोल पीट रही है। राज्य सरकार से मांग करता हूं कि सभी दोषी प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक करते हुए गंभीर मामलों में लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाएं तथा मिलावटखोरों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान हर महीने चलाया जाए |

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