निजी मोबाइल और लैंडलाइन बिलों के भुगतान पर सरकार की सख्ती, नए नियम जारी
भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया
जयपुर। राजस्थान सरकार ने सरकारी दूरभाष सुविधाओं के दुरुपयोग और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने स्पष्ट किया है कि अब बिना पूर्व स्वीकृति किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के निजी मोबाइल अथवा लैंडलाइन फोन का बिल सरकारी मद से नहीं चुकाया जाएगा। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग के अनुसार, कई मामलों में निजी फोन कनेक्शनों के बिल सरकारी खाते से भुगतान किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसे देखते हुए दूरभाष सुविधाओं के उपयोग और भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है।
नई व्यवस्था के तहत जिस पद के लिए सरकारी टेलीफोन स्वीकृत है, उसका उपयोग केवल उसी पद पर कार्यरत अधिकारी कर सकेगा। स्थानांतरण, पदोन्नति या सेवानिवृत्ति की स्थिति में संबंधित फोन को विभागीय नियंत्रण में वापस लेना होगा। यदि कोई अधिकारी ट्रांसफर के बाद भी सरकारी फोन रखना चाहता है तो उसे पहले सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेनी होगी। साथ ही सभी विभागों में टेलीफोन नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। सरकारी दूरभाष कनेक्शनों के बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी विभागों की जिम्मेदारी होगी, ताकि सरचार्ज और कनेक्शन विच्छेद जैसी समस्याओं से बचा जा सके। सरकार का मानना है कि इन कदमों से वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रुकेगा।

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