हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए प्रसव सखी व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल प्रक्रिया में भी समन्वय
जयपुर। हाई रिस्क गर्भवतियों के लिए सरकारी अस्पतालों में शुरू होगी प्रसव सखी व्यवस्था मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को बेहतर सहयोग और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रसव सखी व्यवस्था शुरू की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह व्यवस्था मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों और अधिक प्रसव भार वाले प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। नई व्यवस्था के तहत पिंक एप्रिन में तैनात प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी, एएनएम अथवा अन्य चयनित महिला स्वास्थ्यकर्मी प्रसव सखी की भूमिका निभाएंगी। वे हाई रिस्क गर्भवती महिला के अस्पताल पहुंचने से लेकर भर्ती, प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और डिस्चार्ज तक हर चरण में सहयोग करेंगी। साथ ही पंजीयन, जांच, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल प्रक्रिया में भी समन्वय करेंगी।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रत्येक चिन्हित अस्पताल में 24×7 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। 104 जननी एक्सप्रेस, हेल्प डेस्क और प्रसव सखी की एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से हाई रिस्क गर्भवतियों को घर से अस्पताल तक सुरक्षित परिवहन, प्राथमिकता के आधार पर उपचार और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उनका कहना है कि यह पहल सुरक्षित संस्थागत प्रसव, समय पर उपचार और सम्मानजनक मातृत्व सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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