निवेश प्रोत्साहन योजना में अहम संशोधन, एमएसएमई लाभ और आवेदन प्रक्रिया बदली
सार्वजनिक हित में योजना की धाराओं में नए उपखंड जोड़े
जयपुर। वित्त विभाग ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2022 की प्रक्रियात्मक गाइडलाइन में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। सरकार ने सार्वजनिक हित में योजना की धाराओं में नए उपखंड जोड़े हैं। संशोधन के तहत दिसंबर 2024 में हुए जिला-तहसील पुनर्गठन के बाद योजना के लिए तहसीलों का क्षेत्र वर्गीकरण नए तहसील-क्षेत्र मानचित्र के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। यह व्यवस्था योजना के पुराने संस्करणों सहित पूर्व में लागू निवेश प्रोत्साहन योजनाओं के आवेदनों पर भी लागू होगी।
सरकार ने एमएसएमई इकाइयों को भी राहत दी है। यदि कोई एमएसएमई इकाई बाद में भारत सरकार की परिभाषा के अनुसार एमएसएमई नहीं रहती है, तो परियोजना के लिए पहले स्वीकृत एमएसएमई श्रेणी के लाभ निर्धारित अवधि तक जारी रहेंगे। इसके अलावा आईपी सृजन, कौशल एवं प्रशिक्षण तथा गुणवत्ता प्रमाणन प्रोत्साहन के लिए पात्रता प्रमाण-पत्र का आवेदन परियोजना के वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के 90 दिनों के भीतर करना होगा। पात्र गतिविधियों पर हुए वास्तविक खर्च के आधार पर आगे के दावों के साथ लाभ लिया जा सकेगा। निवेश की चरणबद्ध योजना का विवरण पहली प्रोत्साहन आवेदन प्रक्रिया में देना अनिवार्य किया गया है।

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