केंद्रीय जेल में बहनों ने बांधी भाइयों की कलाई पर राखी, गलत रास्ते से दूर रहने की दी नसीहत
भाइयों ने जाना बहनों का हालचाल
अलवर। राजस्थान में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां घर-घर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की डोर बांध रही हैं, वहीं अलवर केंद्रीय जेल में भी यह त्योहार भावुक कर देने वाला रहा। जेल में अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें नम हो गयीं। जेल परिसर में पहुंचीं बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद बहनों ने भाइयों का मुंह मीठा कराया और उनकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों का हालचाल जाना और उन्हें खुश रहने की बात कही।
कई बहनें इस दौरान अपने भाइयों को अच्छे से रहने और भविष्य में गलत रास्ते से दूर रहने की नसीहत देती नजर आयीं। मुलाकात खत्म होने के बाद जब बहनें जेल से बाहर निकली तो कई की आंखों में आंसू थे। कुछ महिलाएं भावुक होकर रोने लगी, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने समझाकर और ढांढस बंधाकर शांत कराया। रक्षाबंधन पर जेल में बंदियों से मिलने पहुंचने वाली बहनों की संख्या को देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। जेल के मुख्य द्वार पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये, जबकि जेल परिसर के अंदर महिला पुलिसकर्मियों सहित अन्य जवानों की ड्यूटी लगाई गयी। बहनों द्वारा लाये गये सामान की गहन जांच की गयी और मेटल डिटेक्टर से भी जांच की गयी। रजिस्टर में आवश्यक प्रविष्टि कराने के बाद ही बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच भाई-बहनों की मुलाकात कराई गई। इस दौरान रक्षाबंधन का पर्व जेल की चारदीवारी के भीतर भी रिश्तों की मजबूती और भावनाओं की गहराई का एहसास करा गया।

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