अंतरराष्ट्रीय विधायी प्रशिक्षण कार्यक्रम : वासुदेव देवनानी ने कहा- सरल भाषा से जनता तक पहुंचे कानून, पारदर्शिता जरूरी
लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान को बल मिला
अंतरराष्ट्रीय विधायी मसौदा प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कानून निर्माण में सरल और स्पष्ट भाषा पर जोर। 17 देशों के 43 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विधायी प्रक्रिया को समझा। पारदर्शी प्रक्रिया से जनता की आकांक्षाएं कानून बनती हैं।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि किसी भी कानून के निर्माण में विधायी मसौदा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसमें स्पष्ट व सरल भाषा के माध्यम से जनता की इच्छाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। वे राजस्थान विधानसभा में आयोजित 37वें अंतर्राष्ट्रीय विधायी मसौदा प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में 17 देशों के 43 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विधायी प्रक्रिया को नजदीक से समझा। देवनानी ने कहा कि विधेयक निर्माण की प्रक्रिया पारदर्शी और सावधानीपूर्वक होती है, जिसमें प्रस्तुतीकरण, विस्तृत चर्चा और मतदान जैसे चरण शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरल भाषा ही न्याय का सार है और इससे कानून आमजन तक सहजता से पहुंचता है।
उन्होंने राजस्थान विधान सभा को लोकतंत्र का सच्चा मंदिर बताते हुए कहा कि यह जनता की आकांक्षाओं को कानून का रूप देने का कार्य करती है। साथ ही, उन्होंने भारत के अमृतकाल की ओर अग्रसर होने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान विदेशी प्रतिभागियों और विधायकों के बीच संवाद भी हुआ, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान को बल मिला।

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