प्रसूताओं की आयरन इंजेक्शन से रूकेंगी मौतें : गर्भवतियों को एनीमिया पर एक डोज में ही ठीक करेगा, 3 हजार रुपए का इंजेक्शन लगेगा मुफ्त

30 फीसदी महिलाओं की मौत का कारण खून की कमी

प्रसूताओं की आयरन इंजेक्शन से रूकेंगी मौतें : गर्भवतियों को एनीमिया पर एक डोज में ही ठीक करेगा, 3 हजार रुपए का इंजेक्शन लगेगा मुफ्त

राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को खून की कमी का इलाज आयरन का इंजेक्शन लगाकर होगा। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन से इसकी खरीद हो चुकी है। अब इसे अस्पतालों में सप्लाई किया जा रहा है। इंजेक्शन अत्याधिक गंभीर खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को दिया जाएगा, ताकि प्रसव से पूर्व शरीर में खून की कमी को तेजी से दूर किया जा सके।

जयपुर। राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को खून की कमी का इलाज आयरन का इंजेक्शन लगाकर होगा। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन से इसकी खरीद हो चुकी है। अब इसे अस्पतालों में सप्लाई किया जा रहा है। इंजेक्शन अत्याधिक गंभीर खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को दिया जाएगा, ताकि प्रसव से पूर्व शरीर में खून की कमी को तेजी से दूर किया जा सके। एफसीएम यानी फैरिक कार्बोक्सीमेलटोज नाम के आयरन के इस इंजेक्शन की कीमत बाजार में तीन हजार रुपए हैं, लेकिन सरकार अस्पतालों में इसे मुफ्त लगाएगी। 

इंजेक्शन के फायदे
एक डोज से ही दूर होगी खून की कमी, गोलियों की जरूरत नहीं होगी
प्रदेश में करीब 18 लाख महिलाओं का हर साल प्रसव होता है। प्रसव के दौरान मोटे तौर पर करीब 50 फीसदी गर्भवती महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। इनमें से करीब 10-12 फीसदी गभर्वती महिलाएं ऐसी होती हैं, जिनमें खून की अत्याधिक कमी होती है। खून की कमी को दूर करने के लिए हालांकि अस्पतालों में गर्भवतियों को निशुल्क आयरन की गोलियां दी जाती है, लेकिन अधिकांश महिलाएं इन्हें लेने में लापरवाही करती हैं। ऐसे में गंभीर रूप से खून की कमी से जूझ रही गर्भवतियों को प्रसव से पहले यह इंजेक्शन लगाया जाएगा। इस इंजेक्शन की एक ही डोज में गर्भवती में 4-5 ग्राम खून की कमी एक साथ ही दूर हो सकेगी।

मातृ मृत्युदर घटेगी, नवजात स्वस्थ्य होगा
चिकित्सा विभाग के आंकड़ो के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में मातृ मृत्युदर प्रति एक हजार प्रसूताओं पर 86 हैं, अर्थात प्रसव दौरान इतनी महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। इनमें करीब 30 फीसदी महिलाओं की मौत का कारण खून की कमी होती है। ऐसे में इंजेक्शन ऐसी महिलाओं के लिए संजीवनी बनेगा। विभाग को उम्मीद है कि इससे मातृ मृत्यु दर में और अधिक कमी आएगी। वहीं खून की प्रसव पूर्व कमी दूर हो जाने से नवजात को भी गर्भ में सहीं से खून की सप्लाई होगी तो नवजात स्वस्थ्य जन्मेगा। 

एफसीएम इंजेक्शन खून की गंभीर कमी के कारण हाईिरस्क जोन में आई गर्भवतियों को लगाया जाएगा। महीनें में तीन दिन 9, 18, 27 तारीख को पीएम सुरक्षित मातृत्व दिवस सहित अस्पतालों में जांच के लिए आने वाली गर्भवतियों को इसके लिए हिमोग्लोबिन जांच के बाद चिह्नित कर इंजेक्शन लगाएंगे। इसके लिए अभी एफसीएम अभियान भी शुरू किया गया है। 
- डॉ.मधु रितेश्वर, निदेशक, आरसीएच, स्वास्थ्य विभाग। 

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