शिक्षा विभाग का था फरमान : न रंग-रोगन ना सजी झालरें, बेनूर रहे सरकारी स्कूल
बजट के अभाव में राजकीय विद्यालयों में नहीं हुई दीपावली की साज-सज्जा
शिक्षा विभाग का दीपावली पर सभी सरकारी स्कूलों में रंग-रोगन और दीपावली के दिन रोशनी करने के आदेश सिर्फ कोरे आदेश ही बनकर रह गए। बजट के अभाव में अधिकांश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में न तो रंग-रोगन हुए और ना ही बिजली की झालर लगीं। सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी स्कूलों में कुछेक जगह रंग-रोगन किया गया, कुछ स्कूलों में रोशनी भी हुई।
जयपुर। शिक्षा विभाग का दीपावली पर सभी सरकारी स्कूलों में रंग-रोगन और दीपावली के दिन रोशनी करने के आदेश सिर्फ कोरे आदेश ही बनकर रह गए। बजट के अभाव में अधिकांश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में न तो रंग-रोगन हुए और ना ही बिजली की झालर लगीं। सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी स्कूलों में कुछेक जगह रंग-रोगन किया गया, कुछ स्कूलों में रोशनी भी हुई। शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।
बजट का करते रहे इंतजार: शिक्षा विभाग ने स्कूलों के विद्यार्थी विकास कोष से रंग-रोगन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूलों के पास विद्यार्थी विकास कोष नहीं होने पर पंचायतीराज विभाग को साथ जोड़ते हुए स्कूलों का रंग-रोगन के लिए पंचायतों को अधिकृत किया गया, लेकिन पंचायतों के पास भी निजी मद में पैसा नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रही। स्कूल वाले लगातार विभाग से पैसा मांगते रहे ताकि दीपावली पर सरकार के आदेश लागू हो सकें, लेकिन संभव नहीं हुआ।
दैनिक नवज्योति ने उठाया था मुद्दा: दैनिक नवज्योति ने 17 अक्टूबर के अंक में 'बिना बजट के 16 दिन मंे कैसे हो स्कूलों में रंग-रोगन' शीर्षण से प्रकाशित समाचार में बताया था कि शिक्षा विभाग के प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में दीपावली तक रंग-रोगन, पेंटिंग करने के आदेश स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इसके लिए ना तो अलग से बजट की व्यवस्था की है और ना ही बजट उपलब्ध कराया। इससे शाला प्रमुख काफी दिन तक परेशान रहे।
निदेशक से लेकर बीओ ऑफिस से आते रहे फोन: माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट से लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यों के पास फोन आते रहे कि रंग-रोगन हुआ? कितना हुआ? उसकी लाइटिंग की फोटो भी भेजिए?
सरकार का दावा: शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि 91.7 प्रतिशत राजकीय विद्यालयों में रंगाई-पुताई और सौंदर्यकरण का काम पूरा कर लिया गया है।

Comment List