आईटीएटी घूसकांड : सीबीआई की 22 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई, कैश ज्वैलरी, डिजिटल डेटा और फाइलें बरामद

बड़े कारोबारी समूहों के मामलों में मनचाहे निर्णय दिलाने का आरोप

आईटीएटी घूसकांड : सीबीआई की 22 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई, कैश ज्वैलरी, डिजिटल डेटा और फाइलें बरामद

आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) में चल रहे कथित घूसकांड की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई को और तेज कर दिया है। सोमवार को लगातार छठे दिन एजेंसी ने 22 स्थानों पर सर्च करते हुए भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, कैश, सोने के जेवर, डिजिटल डेटा और टैक्स विवादों में संदिग्ध फैसलों से जुड़ी फाइलें जब्त कीं।

जयपुर। आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) में चल रहे कथित घूसकांड की जांच में सीबीआई ने कार्रवाई को और तेज कर दिया है। सोमवार को लगातार छठे दिन एजेंसी ने 22 स्थानों पर सर्च करते हुए भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, कैश, सोने के जेवर, डिजिटल डेटा और टैक्स विवादों में संदिग्ध फैसलों से जुड़ी फाइलें जब्त कीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिछले चार वषोंर् में अपीलों में मनमानी राहत दिलाने के बदले रिश्वत लेने का संगठित तंत्र सक्रिय था। जानकारी के अनुसार आईटीएटी में कथित भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद सीबीआई ने सोमवार को देशभर में छठे दिन भी तलाशी अभियान जारी रखा। जांच एजेंसी ने आईटीएटी की न्यायिक सदस्य डॉ. एस सीता लक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया, अकाउंटेंट सदस्य कमलेश राठौड़ और एक अन्य आरोपी के 22 ठिकानों पर की गई सर्च में बड़ी मात्रा में अवैध दस्तावेज बरामद किए गए। 

सीबीआई सूत्रों के अनुसार बिल्डर्स, रियल एस्टेट और बड़े कारोबारी समूहों के मामलों में मनचाहे निर्णय दिलाने का आरोप है। इसी आधार पर एजेंसी ने सभी संदिग्ध फैसलों की दोबारा जांच शुरू कर दी है। तलाशी के दौरान न्यायिक सदस्य डॉ. एस सीता लक्ष्मी के आवास से प्रॉपर्टी से संबंधित अहम दस्तावेज, महंगे परिधान, सोने के जेवर और लग्जरी आइटम मिले हैं। उल्लेखनीय है कि इन सभी सामानों का भुगतान नकद में किया गया था और कई बिल ऐसे व्यक्तियों के नाम पर मिले हैं, जिनका वास्तविक खरीदार से कोई संबंध नहीं दिखता। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का हिस्सा लगता है, जिसके जरिए लाभ किसी और को मिलता था और बिल किसी अन्य के नाम पर तैयार किए जाते थे। उधर सीबीआई ने सोमवार को गिरफ्तार अकाउंटेंट मेंबर कमलेश राठौड़ को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं गिरफ्तार न्यायिक सदस्य डॉ. एस सीता लक्ष्मी और एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया को 2 दिसंबर तक रिमांड पर रखा गया है। 

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