कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक मामला : पति-पत्नी सहित 8 लोग गिरफ्तार

लाखों रुपए में बेचा था पेपर, नए कानून के तहत एसओजी ने दर्ज की रिपोर्ट

कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक मामला : पति-पत्नी सहित 8 लोग गिरफ्तार

एसओजी टीम ने दिवाकर स्कूल समेत आरोपियों के कई ठिकाने खंगाले

जयपुर। प्रदेश में 4588 पदों के लिए हुई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने वाले आठ आरोपियों को एसओजी ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। अब एसओजी इन सभी से पूछताछ कर रही है। वहीं एसओजी ने इनके खिलाफ धारा 460, 120-बी के अलावा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम 2022 की धारा 3 व 10 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इस अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ सम्पत्ति सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। एसओजी टीम मंगलवार को दादी का फाटक बाइपास झोटवाड़ा स्थित दिवाकर स्कूल पहुंची और सीसीटीवी समेत अन्य रिकॉर्ड खंगाले। निरस्त हुआ पेपर जल्द ही कराया जाएगा।

अब तक ये लोग हुए गिरफ्तार
एटीएस एवं एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में शालू शर्मा (33) निवासी मुरलीपुरा केन्द्राधीक्षक एवं स्कूल प्रिंसीपल, मुकेश कुमार शर्मा (44) निवासी प्रताप नगर चौराहा मुरलीपुरा हाल सहायक केन्द्राधीक्षक एवं स्कूल के डायरेक्टर (दोनों पति-पत्नी),  सत्यनारायण कुमावत (62) निवासी गोविंदगढ़, राकेश (30) निवासी महावीर कॉलोनी खरखोदा सोनीपत हरियाणा, कमल कुमार वर्मा (40) निवासी नाड़ी का फाटक मुरलीपुरा, रोशन कुमावत (28) निवासी विजय नगर मुरलीपुरा, विक्रम सिंह (55) निवासी भोडसी गुरुग्राम हरियाणा और रतनलाल (56) निवासी आगरा रोड खोहनागोरियान हाल एएसआई यातायात पुलिस जयपुर को गिरफ्तार किया है। इन सभी ने मिलीभगत कर पेपर आउट कर दिया। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि दोपहर 1:47 मिनट पर उनकी टीम को पेपर लीक होने की जानकारी मिलते ही टीमों ने सेंटर दबिश देना शुरू किया। दिवाकर पब्लिक स्कूल में मिली अनियमित्ता के बाद टीम एक्शन में आई और सेंटर से आशु शर्मा, मोहन, कमल कुमार, सत्यनारायण कुमावत, रोशन कुमावत, राकेश, विक्रम सिंह, एएसआई रतनलाल, मुकेश शर्मा को जांच के बाद एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया।

परीक्षा के लिए पुख्ता थे इंतजाम : ठाकुर
भर्ती एवं पदोन्नति के एडीजी बिनीता ठाकुर ने बताया कि निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराने के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों के रेंडमली सेंटर दिए गए। ज्यादातर परीक्षा केन्द्र बड़े शहरों में बनाए गए थे। सेंटर बनाने के लिए बड़े स्कूलों को चुना गया। पहली बार परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा देने के बाद बाहर नहीं जाने देने की व्यस्था की थी। पेपर परीक्षा से पूर्व हर शिफ्ट में अलग-अलग भेजे गए। कौन सा पेपर कहां जाएगा, इस का भी रेंडमली सलेक्शन किया गया। पेपर बॉक्स पर लगे कोड को परीक्षा से कुछ समय पहले ही बताया गया। कंपनी की ओर से लगाए गए कर्मचारी सारे अन्य राज्यों से बुलाकर लगाए गए।


बाकी सब शिकायतें मिली झूठी
एडीजी ठाकुर ने बताया कि परीक्षा के संबंध में कई शिकायतें वाट्सअप पर आई थीं जब इनकी तस्दीक की गई तो ये शिकायतें झूठी निकलीं। अन्य किसी सेंटर से पेपर लीक नहीं हुआ है।

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