जेएलएफ की शुरुआत आज से : फेस्ट में 5 दिन तक 300 से अधिक सत्र में 500 से ज्यादा वक्ता, साहित्य से लेकर टेक्नोलॉजी तक गूंजेगा वैश्विक विमर्श
इंग्लिश पेन अवॉर्ड से सम्मानित किया
बानू मुश्ताक का चर्चित कहानी संग्रह हार्ट लैंप कन्नड़ साहित्य का महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसे इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 और इंग्लिश पेन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
जयपुर। दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में से एक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 19वें संस्करण का आगाज गुरुवार को जेएलएन मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में होगा। इस पांच दिवसीय इस साहित्यिक महाकुंभ का उद्घाटन समारोह सुबह 10.50 बजे वेदांता फ्रंट लॉन में आयोजित होगा। उद्घाटन सत्र को फेस्टिवल की सह-संस्थापक एवं लेखिका नमिता गोखले, प्रख्यात इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मुख्य कीनोट संबोधन प्रसिद्ध कन्नड़ लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील बानू मुश्ताक द्वारा दिया जाएगा। बंदया आंदोलन की सशक्त आवाज रहीं बानू मुश्ताक का चर्चित कहानी संग्रह हार्ट लैंप कन्नड़ साहित्य का महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है, जिसे इंटरनेशनल बुकर प्राइज 2025 और इंग्लिश पेन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
उनका लेखन जाति, लिंग और वंचित समुदायों के मुद्दों को संवेदनशीलता और सशक्तता के साथ सामने लाता है। इस वर्ष फेस्टिवल में भारत और दुनिया भर से 500 से अधिक वक्ता और 300 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में साहित्य, इतिहास, राजनीति, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट एक्शन, ग्लोबल अफेयर्स, कविता और परफॉर्मेंस आर्ट्स जैसे विषयों पर गहन संवाद होंगे। नोबेल पुरस्कार विजेता और वैश्विक विचारक जैसे एस्थेर डुफ्लो, ऐन एप्पलबॉम, स्टीफन ग्रीनब्लैट, टिम बर्नर्स-ली और फरेड्रिक लॉगवॉल सहित अनेक अंतरराष्टÑीय दिग्गज भाग लेंगे। वहीं भारतीय साहित्य और बौद्धिक जगत से सुधा मूर्ति, अमीश, प्रसून जोशी, शोभा डे, अश्विन सांघी, गुरचरण दास और आनंद नीलकंठन जैसे नाम मंच की शोभा बढ़ाएंगे। फेस्टिवल की सजावट राजस्थान की विरासत और मकर संक्रांति के रंगों से प्रेरित है, जिसने पूरे परिसर को उत्सवधर्मी स्वरूप दे दिया है।
प्रमुख गतिविधियां
इस बार जेएलएफ की प्रमुख गतिविधियों में सुबह 10 बजे से मॉर्निंग म्यूजिक,जयपुर बुकमार्क, कविता और परफॉर्मेंस, क्लाइमेट व टेक सेशंस, जलवायु परिवर्तन, विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष चर्चाएं। साहित्यिक सम्मान, विरासत-प्रेरित मंच आकर्षण का केन्द्र रहेंगे।

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