निजीकरण के विरोध में लामबंद हुए जलदायकर्मी, विभाग के मुख्य अभियंता को दिया ज्ञापन
भविष्य एवं सम्मान के विरुद्ध गहरी साजिश
जलदाय विभाग द्वारा निजीकरण एवं तकनीकी कर्मचारियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के विरोध में राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित नीति के तहत जलदाय कर्मियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के प्रयास के विरोध में जलदाय कर्मी लामबंद हो गए हैं।
जयपुर। जलदाय विभाग द्वारा निजीकरण एवं तकनीकी कर्मचारियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के विरोध में राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित नीति के तहत जलदाय कर्मियों को निजी कंपनियों के अधीन करने के प्रयास के विरोध में जलदाय कर्मी लामबंद हो गए हैं। इसी के चलते मंगलवार को प्रांतीय नल मजदूर यूनियन इंटक के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह शेखावत के नेतृत्व में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल व दिनेश गोयल मुख्य प्रशासन से मुलाकात कर निजीकरण में सौंपने के विरोध में ज्ञापन सोैपा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समस्त पेयजल कार्यों को आगामी 10 वर्षों के लिए बड़ी निजी कंपनियों में सौंपने की जो प्रक्रिया प्रारंभ की है, वह न केवल जलदाय विभाग के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है बल्कि विभाग के हजारों तकनीक कर्मचारी की सेवा सुरक्षा भविष्य एवं सम्मान के विरुद्ध गहरी साजिश है, यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा ने बताया कि निजीकरण के संबंध में जलदाय विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार में देश की नामी ग्रामीण कंपनियां अदानी ग्रुप के प्रतिनिधि एवं सैकड़ो ठेकेदारों की उपस्थिति में संकेत मिलता है।
पेयजल आवश्यक सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की पूरी तैयारी कर ली है। यह निजीकरण राजस्थान के प्रत्येक जिले की पेयजल आपूर्ति को नए मॉडल के तहत निजी कंपनी में सोपा जा रहा है। यूनियन के जयपुर जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी ने कहा कि विभाग में पिछले 34 वर्षों से तकरीर कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो रहे हैं नई भर्ती करने के बजाय शेष कर्मचारियों को निजी कंपनी बोर्ड के अधीन कार्य करने के लिए बातें करने की तैयारी की जा रही है जिसका विरोध करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि सरकार और विभाग निजीकरण में देने की बजाय नई भर्ती की जाए इसके साथ कर्मचारियों के अधिकारों के भविष्य की सुनिश्चित की जाए अन्यथा यूनियन द्वारा निजीकरण के विरोध में आंदोलन किया जाएगा। इस पर मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल ने शिष्ट मंडल को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा और हम भी नई भर्ती के लिए शीघ्र प्रयास करेंगे।

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