बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर माइंस विभाग एक्टिव मोड में, एआई से खनिज खोज, जीएसआई सहयोग से कोर लाइब्रेरी स्थापना की तैयारी
आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएं
राजस्थान माइंस विभाग ने 2026-27 की 11 बजट घोषणाओं को लागू करने के लिए मिशन मोड में विस्तृत रणनीति बनाई है। एआई और मशीन लर्निंग तकनीक से क्रिटिकल खनिज खोज, जियो-फिजिकल सर्वे और जीएसआई सहयोग से खनिज कोर लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।
जयपुर। राज्य के माइंस विभाग ने वर्ष 2026-27 की 11 बजट घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विस्तृत रणनीति बनानी शुरू कर दी है। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी घोषणाओं के लिए ठोस कार्ययोजना और आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में माइंस सेक्टर को आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से जोड़ते हुए मिशन मोड पर क्रियान्वयन की तैयारी की जा रही है। पहली बार राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक के माध्यम से क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिजों की खोज, जियो-फिजिकल सर्वे, ड्रिलिंग कार्य और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के सहयोग से अत्याधुनिक खनिज कोर लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर क्रियान्वयन की रूपरेखा तय की। योजनाओं के प्रारूप, नियमों में आवश्यक संशोधन और आदेशों का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
विभाग ने बजट घोषणाओं को तीन श्रेणियों-ए, बी और सी में विभाजित किया है। पहली श्रेणी में वे घोषणाएं हैं जिन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और विभागीय स्तर पर ही लागू किया जा सकेगा। दूसरी श्रेणी में अन्य विभागों की सहमति आवश्यक होगी, जबकि तीसरी श्रेणी की घोषणाओं पर वित्तीय व्यय होगा।
विभाग का कहना है कि इन पहलों से खनिज खोज, निवेश, राजस्व और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा प्रदेश में खनन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

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