लंबित जांचों को लेकर दौरे पर निकले मंत्री
पंचायती राज मंत्री रमेशचंद मीणा ने खुद के गृह जिले करौली से शुरू की निगरानी
ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। ग्रामीण विकास और नरेगा के पक्के निर्माण की गुणवत्ता में धांधली की जांचें छह महीने बाद भी लंबित रहने पर अब खुद पंचायतीराज मंत्री रमेश चंद मीना ने मोर्चा संभाला है। कार्यों की गुणवत्ता जांच पर निगरानी की जिम्मेदारी खुद के गृह जिले करौली से शुरू की है। जल्दी ही लंबित जांच वाले सभी जिलों में पहुंचकर जांच पड़ताल करेंगे।
मंत्री मीना ने पिछले दो दिन में करौली जिले में कई ग्राम पंचायतों में पहुंचकर पक्के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। करौली में रणगामा तालाब के पास वन विभाग की ओर से बनवाई जा रही लवकुश वाटिका की जांच की तो मौके पर निर्माण कार्य गुणवत्ता में व्यापक पैमाने पर अनियमितता देखने को मिली। निर्माण सामग्री के सैम्पल लेकर कमेटी गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सपोटरा और मंडरायल क्षेत्र में जनसुनवाई में भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जांच के निर्देश दिए। मंत्री मीना का कहना है कि धांधली के पुराने प्रकरणों पर भी जांच कार्रवाई जा रही है। लंबित मामलों को लेकर अफसरों को निर्देश दिए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के पैसे का इस तरह दुरुपयोग और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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