भारतीय सेना और महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के बीच हुआ एमओयू, सैनिक परिवार के आश्रितों को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए छात्रवृत्ति
राज्य में पहली बार महात्मा गांधी अस्पताल में हेलीपेड का भी हुआ शुभारंभ,
महात्मा गांधी विश्वविद्यालय की ओर से संचालित मेडिकल एवं डेंटल पाठ्यक्रमों में नीट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले सैनिक परिवार के आश्रितों को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसी तरह पैरामेडिकल कोर्सेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष फी की एक तिहाई छात्रवृत्ति दी जाएगी।
जयपुर। महात्मा गांधी विश्वविद्यालय की ओर से संचालित मेडिकल एवं डेंटल पाठ्यक्रमों में नीट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले सैनिक परिवार के आश्रितों को प्रतिवर्ष एक लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसी तरह पैरामेडिकल कोर्सेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष फी की एक तिहाई छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस संबंध में महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को भारतीय सेना के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया। यूनिवर्सिटी के संस्थापक डॉ. एम. एल. स्वर्णकार ने सेना के प्रोफेशनल्स की निस्वार्थ देश सेवा, साहस बलिदान की भावना से प्रेरित होकर इसकी घोषणा की।
इसके अलावा सेना के मेडिकल कॉलेजों के साथ भी तकनीकी आदान प्रदान भी किया जाएगा। इस समझौते के माध्यम से अनुसंधान, तकनीकी विकास एवं शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, साउथ वेस्टर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना को नागरिकों की ओ से किया गया सहयोग और आभार सैनिकों का मनोबल बढ़ाता है। इस अवसर पर मेजर जनरल अमर रामदासानी, महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. विकास चंद्र स्वर्णकार ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
हेलीपेड से अंगदान को मिलेगा बढ़ावा
चेयरमैन डॉ. विकास स्वर्णकार ने बताया कि मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह द्वारा महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में बने हेलीपेड का भी पहली लैंडिंग के साथ शुभारंभ किया। राज्य के किसी अस्पताल में पहली बार हेलीपेड स्थापित किया गया है। इसके जरिए मेडिकल ट्यूरिज्म को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ ही क्रिटिकल पेशेंट, प्रत्यारोपण के लिए दान से मिले अंगों के सुगमता और बिना देरी के अस्पताल पहुंचने में मदद मिलेगी।

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