शिक्षा मंत्रालय की नाक के नीचे तीसरी बार लीक हुआ पेपर, पायलट ने कहा- इस्तीफा दें प्रधान
सरकार को जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी
नीट पेपर लीक मामले पर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 22 लाख छात्रों की मेहनत पर पानी फिरा, पेपर लीक के चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। पायलट ने NTA को “नेशनल ट्रोमा एजेंसी” बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
जयपुर। नीट पेपरलीक मामले में कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा है कि नीट परीक्षा को रद्द किया गया है। लगभग 22 लाख बच्चे पूरी मेहनत के साथ इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। लगातार पेपरलीक के कारण सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी है। अब सीबीआई की जांच बिठाकर जिम्मेदारी से पीछे हटने की कोशिश की जा रही है। पायलट ने कहा है कि मुझे लगता है कि यदि 22 लाख लोगों ने ईमानदारी से कोशिश की है और परीक्षा में बैठे हैं, तो सरकार को जिम्मेदारी तय करनी पड़ेगी।
पेपरलीक में जो पकड़ा गया है, उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है, बच्चों ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अब नेशनल ट्रोमा एजेंसी बन चुकी है और शिक्षा मंत्रालय के नाक के नीचे लगातार तीसरी बार पेपरलीक हुआ है। नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देकर आगे आते हुए जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

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