संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी में मेज बैराज के लिए भूमि अवाप्ति की तैयारी, 12 गांवों की आंशिक भूमि परियोजना से प्रभावित
करवाला की झौपड़िया, ओहड़ी और कोडक्या बालाजी शामिल
जयपुर। संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना के तहत बूंदी जिले में मेज बैराज के निर्माण और इसके डूब क्षेत्र से प्रभावित भूमि को अवाप्त करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके लिए इन्द्रगढ़ तहसील के 20 गांवों की भूमि शामिल की गई है। इनमें नयागांव, डडवाड़ा, डपटा, खरायता, खेड़ली देवजी, लाखेरी, उतराना, प्रतापगढ़, बुढ़ेल, छपपनपुरा, ढ़गारिया, डांगाहेड़ी, खेड़ियागुर्जन, खेड़ियामान, लक्ष्मीपुरा, मालियों की बाड़ी, पछीपला, पापडली, रेबारपुरा और ठीकरी शामिल हैं। इसी तरह पाटन तहसील के 12 गांवों की आंशिक भूमि भी परियोजना से प्रभावित होगी। इनमें बोरदा काछियान, जलोदा, बारानी, पीपल्दा सिमेल, झालीजी का बराना, मेनोली, ढींगसी, जैथल, दोताना, करवाला की झौपड़िया, ओहड़ी और कोडक्या बालाजी शामिल हैं।
रायथल तहसील के झाड़ोल, हनौत्या, महुआ, भैंसखेड़ा, लोहाली, गेण्डोली खुर्द की झौपड़िया, ख्यावदा, छापरदा, गोपालपुरा, गोठड़ा, मोरखुन्दाना और जगन्नाथपुरा गांवों की भूमि भी आंशिक रूप से प्रभावित होगी। इस भूमि अवाप्ति का सीधा संबंध मेज बैराज के निर्माण और प्रस्तावित डूब क्षेत्र से है।

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