रेरा पोर्टल की तकनीकी अड़चनों से अटकी प्रक्रियाएं : सिस्टम में खामियां, बाधाओं में उलझे प्रमोटर; अब लेट फीस और जुर्माना माफ
किसी भी तरह की लेट फीस या पेनल्टी नहीं लगेगी।
पोर्टल की तकनीकी खामियों ने रियल एस्टेट प्रक्रियाओं को झटका दिया। अप्रैल 2026 में गड़बड़ी के कारण प्रमोटर समय पर क्यूपीआर अपलोड नहीं कर सके, जिससे कंप्लीशन सर्टिफिकेट अटक गए। स्थिति देखते हुए रेरा ने राहत देते हुए अंतिम तिथि 31 मई तक बढ़ाई और लेट फीस-पेनल्टी माफ की, हालांकि समस्या अस्थायी रूप से ही सुलझी।
जयपुर। तकनीकी खामियों के चलते रेरा के आॅनलाइन सिस्टम पर निर्भर सरकारी प्रक्रियाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। अप्रैल 2026 के दौरान पोर्टल में आई दिक्कतों के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कई प्रमोटर समय पर जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कर सके। जिन प्रोजेक्ट्स का काम पूरा हो चुका था, वे भी सिर्फ तकनीकी बाधाओं के कारण अधर में लटक गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के रजिस्ट्रार राजीव जैन ने आदेश जारी कर एक बार की राहत प्रदान की है। अथॉरिटी ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए क्यूपीआर जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है। साथ ही इस अवधि में किसी भी तरह की लेट फीस या पेनल्टी नहीं लगेगी।
क्या है पूरा मामला
एक अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच पोर्टल पर तकनीकी समस्याएं सामने आईं। इस दौरान कई प्रमोटर अंतिम या आवश्यक क्वार्टरली प्रोग्रेस रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सके। नियमों के मुताबिक कंप्लीशन सर्टिफिकेट जमा करने से पहले नवीनतम क्यूपीआर अपलोड करना अनिवार्य है। यही शर्त सबसे बड़ी बाधा बन गई। कई प्रमोटरों ने प्रोजेक्ट पूरा कर लिया और कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर लिया, लेकिन क्यूपीआर अपलोड नहीं होने के कारण वे समय पर सीसी पोर्टल पर सबमिट नहीं कर पाए। अथॉरिटी ने इस स्थिति को वास्तविक परेशानी मानते हुए कुछ राहत दी है, लेकिन यह राहत अस्थायी समाधान ही मानी जा रही है।
प्रमुख निर्णय एक नजर में
बिंदु विवरण
समस्या अवधि एक अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026
मुख्य दिक्कत पोर्टल में तकनीकी खराबी
प्रभावित प्रक्रिया क्यूपीआर अपलोड और सीसी सबमिशन
राहत प्रोसेसिंग फीस और पेनल्टी में एक बार की छूट
लागू होने की तिथि तत्काल प्रभाव से
किसे मिलेगा फायदा
- जो पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण समय पर क्यूपीआर फाइल नहीं कर सके
- जिनका कंप्लीशन सर्टिफिकेट सिर्फ क्यूपीआर न भर पाने के कारण अटका रहा
खामियां बनीं बड़ी बाधा
- तकनीकी समस्या का समय पर समाधान नहीं
- पोर्टल पर निर्भरता, लेकिन बैकअप व्यवस्था का अभाव
- समयसीमा का दबाव, लेकिन तकनीकी लचीलापन नहीं
- प्रमोटरों को बिना गलती के आर्थिक नुकसान का खतरा
- प्रशासनिक निर्णय देर से, जिससे परेशानी बढ़ी

Comment List