राजस्थान रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी : त्रैमासिक व वार्षिक प्रगति रिपोर्ट पर आपत्तियों के जवाब नहीं देने वाले प्रमोटरों पर रेरा सख्त, 30 दिनों में जवाब देने का आदेश
रेरा अधिनियम 2016 एवं संबंधित नियमों का उल्लंघन
राजस्थान रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट (APR) पर उठाई गई आपत्तियों के जवाब लंब समय तक लंबित रखने वाले प्रमोटरों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया है।
जयपुर। राजस्थान रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट (APR) पर उठाई गई आपत्तियों के जवाब लंब समय तक लंबित रखने वाले प्रमोटरों के खिलाफ सख्त रूख अपनाया है। अथॉरिटी ने आदेश जारी कर बताया कि कई प्रमोटरों द्वारा एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आपत्तियों का जवाब नहीं दिया गया है, जिससे परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का खुलासा अधूरा रह जाता है और यह रेरा अधिनियम, 2016 एवं संबंधित नियमों का उल्लंघन है।
अथॉरिटी ने सभी संबंधित प्रमोटरों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर सभी लंबित आपत्तियों का जवाब प्रस्तुत करें और अपनी QPR एवं APR को पूर्ण रूप से नियमानुसार अपडेट करें। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित रिपोर्टों को वापस लेते हुए अस्वीकार कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में यह माना जाएगा कि प्रमोटर ने रिपोर्ट दाखिल नहीं की है, जिसके बाद रेरा अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। यह आदेश रेरा अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।

Comment List