अपशिष्ट सामग्री से सड़क निर्माण को मिलेगा बढ़ावा, जयपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
पर्यावरण संरक्षण के साथ निर्माण लागत में भी कमी आएगी
जयपुर। सड़क निर्माण को अधिक टिकाऊ, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI), नई दिल्ली द्वारा पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का विषय “सड़क निर्माण में अपशिष्ट सामग्री का पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण” रहा। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक रवि शेखर सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, इंजीनियर और सड़क निर्माण विशेषज्ञ शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक कचरे, पुरानी सड़कों से निकली सामग्री, निर्माण एवं तोड़फोड़ के मलबे, फ्लाई ऐश तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग सड़क निर्माण में कर उन्हें उपयोगी संसाधनों में बदला जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ निर्माण लागत में भी कमी आएगी। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग, सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम करने तथा आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विचार साझा किए गए। समापन सत्र में सरकार, शिक्षण संस्थानों और शोध संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुनर्चक्रण आधारित सड़क निर्माण तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाने, आवश्यक मानकों के निर्धारण और नीतिगत सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

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