सेठी कॉम्पलेक्स अग्निकांड : बंद फायर सिस्टम के हाईड्रेंट में भरे मिले नींबू-मिर्ची
करीब 7 घंटे में आग पर काबू
जयपुर। पुरोहित जी का कटला के पास स्थित सेठी काम्पलेक्स में हुए अग्निकांड में फायर फाईटिंग सिस्टम के हाईडेंट में नीबू एवं मिर्ची भरी मिली। इसके साथ ही मौके पर कपलिंग भी गायब मिलने से आगजनी की घटना को रोकने में दोगुना से अधिक समय लगा और करीब सात घंटे में आग पर काबू किया। इससे बीस से अधिक दुकानों में रखा सामान स्वाहा हो गया। राजस्थान राज्य मानवाधिकारी आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
पुरोहित जी का कटला में लगे फायर फाईटिंग सिस्टम में हाईडेंट में कपलिंग तक खोल रखी थी जिसके चलते हॉज पाईप भी नहीं लग पाए। इसके साथ ही घाटगेट पर बनाए गए होज से पुरोहित जी का कटला तक अंडरग्राउंड लाईन डाली हुई है और वहां तीन पम्प हाउस बने हुए हैं। करीब डेढ़ किमी लंबी अंडरग्राउंड लाईन में कहीं न कहीं लीकेज होने की वजह से नोजल काम ही नहीं आए। इसके साथ ही बाजार में अतिक्रमणों के चलते फायर ब्रिगेड की गाडियां भी मौके पर नहीं पहुची और मुख्य सड़क से फाइप ले जाने में समय लगने से घटना बड़ी हो गई और बीस से अधिक दुकानों में रखा करोडों का सामान जल कर राख हो गया।
अब प्रमुख बाजारों एवं बहुमंजिला बिल्डिंगों की होगी जांच :
नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र मीणा ने बताया कि सेठी कॉम्पलेक्स में हुई आगजनी के बाद मौका निरीक्षण किया गया। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावूति नहीं हो इसके लिए शहर के प्रमुख बाजारों के साथ ही बहुमंजिला बिल्डिंगों में फायर उपकरणों की जांच कराई जाएगी। जहां उपकरण खराब है और एनओसी नहीं ले रखी हे उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाया गया था प्रोजेक्ट :
पुरोहित जी का कटला की तंग गलियों एवं भीड़-भाड़ वाले इलाके में आगजनी की संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए स्मार्टसिटी परियोजना के तहत जनवरी 2021 में करीब चार करोड की लागत से यह प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया गया था।

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