SIR और चुनाव सुधारों पर विधानसभा में बहस को लेकर सत्ता–विपक्ष आमने-सामने, अध्यक्ष लेंगे विशेषज्ञों से राय
कानूनी विशेषज्ञों और लोकसभा से परामर्श लेकर अंतिम निर्णय
विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को पुनः शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चुनाव सुधारों और SIR के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत द्वारा पर्ची के माध्यम से उठाए गए SIR के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई, जो उचित नहीं थी।
जयपुर। विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को पुनः शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चुनाव सुधारों और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत द्वारा पर्ची के माध्यम से उठाए गए SIR के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई, जो उचित नहीं थी। जूली ने सुझाव दिया कि जैसे लोकसभा में निर्वाचन सुधारों पर चर्चा हुई, उसी तरह विधानसभा में भी आधे घंटे का समय तय कर इस विषय पर चर्चा कराई जानी चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। संसद में भी SIR पर अलग से चर्चा नहीं हुई, बल्कि केवल चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि संसदीय और विधानसभा चुनावों से जुड़े कानून और संविधान संशोधन का अधिकार संसद को है, इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
इसलिए विधानसभा के पटल पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव सुधारों पर चर्चा नहीं की जा सकती। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि पंचायती राज या नगर निकाय चुनावों के सुधारों पर चर्चा करनी हो, तो विधानसभा में इस पर विचार संभव है, क्योंकि उनके नियम राज्य बनाता है। इसके जवाब में टीकाराम जूली ने कहा कि पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव भी राजस्थान में होने हैं, इसलिए उन्हीं विषयों पर चर्चा कर ली जाएगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधि मंत्री और नेता प्रतिपक्ष की बातें उनके संज्ञान में आ गई हैं। इस विषय पर कानूनी विशेषज्ञों और लोकसभा से परामर्श लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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