जेई पेपर लीक का खुलासा, लाखों में सॉल्व पेपर बेचने वाले गिरोह पर एसओजी का शिकंजा
पेपर माफिया से जुड़े नेटवर्क की परतें खुल रहीं
जयपुर। राजस्थान की बहुचर्चित कनिष्ठ अभियंता (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले सॉल्व प्रश्नपत्र पेपर माफिया के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया और इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपए वसूले गए। एसओजी अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2020 में आयोजित जेई संयुक्त भर्ती परीक्षा निरस्त होने के बाद 12 सितंबर 2021 को पुनर्परीक्षा कराई गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि इस पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इसी आधार पर 19 जनवरी को एसओजी थाने में नया मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ बबलू मीणा (41) सालिमपुर महुआ दौसा हाल गोबर्धन वाटिका दौसा ने पेपर माफिया से पहले ही सॉल्व पेपर हासिल कर लिया था। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों रिंकू कुमार शर्मा (38) डेरा की ढ़ाणी टोरडा सिकंदरा दौसा हाल लवकुश नगर दौसा और लोकेश शर्मा (50) कृष्णा नगर भरतपुर हाल करणी नगर आगरा रोड दौसा के माध्यम से कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। इसके एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 15-15 लाख रुपए लिए गए। एसओजी ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। एजेंसी अब इस पूरे रैकेट की वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Comment List