जयपुर में कल टेक्सटाइल उद्योग पर राज्य स्तरीय कार्यशाला, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग पर होगा मंथन
शून्य निकासी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था जैसे तकनीकों पर चर्चा
जयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से 19 अगस्त को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में वस्त्र उद्योग में सतत विकास और नई तकनीकों को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह आयोजन गुजरात के गांधीनगर में 15 से 18 सितंबर तक होने वाले दसवें विश्व सर्कुलर अर्थव्यवस्था मंच के पूर्व-आयोजन के रूप में किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वस्त्र उद्योग में अपशिष्ट जल की शून्य निकासी, कचरा प्रबंधन और आधुनिक पर्यावरणीय तकनीकों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का उद्घाटन खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्षा श्रीमती अपर्णा अरोरा करेंगी। मंडल के सदस्य सचिव श्री कपिल चन्द्रवाल स्वागत भाषण देंगे।
सदस्य सचिव ने बताया कि कार्यशाला में परमाणु अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों, गुजरात के वस्त्र उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा छह तकनीकी सत्रों में जल शोधन की आधुनिक विधियों, रासायनिक प्रबंधन और निगरानी तकनीकों पर जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान का वस्त्र उद्योग देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए अब औद्योगिक विकास को सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों से जोड़ना जरूरी हो गया है, जिसमें कचरे को भी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाए और पानी, ऊर्जा तथा कच्चे माल का बेहतर उपयोग हो। उन्होंने सभी उद्योगों से आह्वान किया कि वे शोधित सीवेज के जल का पुनः उपयोग कर भूजल का दोहन कम करें।

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