श्रीगंगानगर बालिका यौन शोषण प्रकरण : 22 आरोपियों पर आरोप तय, 4 अब भी फरार
ग्राहकों समेत आरोपियों के खिलाफ चलेगा ट्रायल
श्रीगंगानगर। शहर के चर्चित बालिका यौन शोषण प्रकरण में पोक्सो मामलों की विशेष अदालत संख्या-1 ने 22 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इनमें तीन होटलों में नाबालिग बालिका के साथ यौन शोषण के मामले में नामजद 15 ग्राहक भी शामिल हैं। आरोप तय होने के बाद अब सभी 22 आरोपियों के खिलाफ अदालत में मुकदमे की सुनवाई होगी। मामले में होटल ड्रीम का संचालक सहित चार आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक मनोहरलाल पंवार के अनुसार, विशेष न्यायाधीश योगेश जोशी की अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम का नाम सामने आया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 अगस्त को अदालत में आरोप पत्र पेश किया था।
चार आरोपी अब भी फरार
मामले में होटल ड्रीम का संचालक राकेश कुमार नायक, ग्राहकों को होटलों तक पहुंचाने में कथित बिचौलिए की भूमिका निभाने वाला सूरज और दो अन्य युवक अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। अदालत में आरोप तय होने के बाद अब मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए जाएंगे।
18 से 21 जून के बीच सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, 18 जून को बालिका अपने घर से श्रीविजयनगर पहुंची थी, जहां उसकी मुलाकात गुरी उर्फ गुरदयाल सिंह से हुई। आरोप है कि वह उसे किराये के कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद बालिका श्रीगंगानगर पहुंची, जहां एक रिक्शा चालक उसे हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित होटल जॉय इन ले गया। आरोप है कि वहां भी उसके साथ यौन शोषण किया गया।
18 से 21 जून के बीच होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम में बालिका के यौन शोषण का मामला सामने आया। इस बीच 22 जून को बालिका की मां ने सदर पुलिस थाने में उसके लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तलाश के दौरान होटल जॉय इन में दबिश दी, जहां बालिका मिल गई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की धरपकड़ की।
कार्रवाई के बाद तीन होटलों पर चला बुलडोजर
घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। एक जुलाई को संयुक्त टीम ने होटल जॉय इन, होटल सफायर और होटल ड्रीम के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की। इसके अलावा शहर के होटलों की जांच कराई गई, जिसमें करीब 100 होटलों में अलग-अलग तरह की खामियां सामने आने की बात कही गई। नगर परिषद प्रशासन ने तीन होटलों को सीज भी किया था।
अब अदालत में होगी सुनवाई
22 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष को अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

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