एसएमएस अस्पताल में दुर्लभ सर्जरी : लिवर, प्लीहा और फेफड़े के हाइडेटिड सिस्ट का एक साथ सफल ऑपरेशन, मरीज को मिली नई जिंदगी
एनेस्थीसिया विभाग और नर्सिंग स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान
जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। 45 वर्षीय महिला मरीज के लिवर, प्लीहा और दाएं फेफड़े में एक साथ हाइडेटिड सिस्ट पाए गए, जिनका अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। जांच में लिवर में 10×9 सेमी, प्लीहा में 10×5 सेमी तथा दाएं फेफड़े में 5×6 सेमी आकार के सिस्ट मिले। विशेषज्ञों के अनुसार तीन अलग-अलग अंगों में एक साथ हाइडेटिड सिस्ट मिलना अत्यंत दुर्लभ स्थिति है। सर्जरी के दौरान लिवर और प्लीहा के सिस्ट लेप्रोस्कोपिक तकनीक तथा फेफड़े के सिस्ट को वीएटीएस (वीडियो-असिस्टेड थोराकोस्कोपिक सर्जरी) से निकाला गया।
सी-आर्म मशीन की मदद से सिस्ट की सटीक स्थिति का आकलन कर सुरक्षित ऑपरेशन किया गया, जिससे मरीज को ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी। वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र बागड़ी के नेतृत्व में डॉ. रामबाबू, डॉ. बी.आर. बराला, डॉ. राहुल गोस्वामी सहित सर्जिकल टीम ने यह जटिल ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया विभाग और नर्सिंग स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मरीज का पूरा उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निशुल्क किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि इस तरह के दुर्लभ मामलों का पूरी तरह मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सफल उपचार एसएमएस अस्पताल की विशेषज्ञता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है।

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