अदालती आदेश के बाद भी आश्रित भाई को अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं दी: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने विभाग से मांगा जवाब
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जलदाय विभाग में पदस्थापित रहे एईएन की सड़क दुर्घटना में मौत होने पर उसकी जगह आश्रित भाई को अदालती आदेश के बावजूद अनुकंपा नियुक्ति नहीं देने पर जल संसाधन विभाग के सचिव, मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता सहित अन्य को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस गणेश राम मीणा ने यह आदेश रोमिल जैन की अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता एसजे मूथा ने अदालत को बताया कि उसका अविवाहित भाई रजत जैन झालावाड़ में एईएन था। उसका सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। इस पर याचिकाकर्ता ने परिवार में अन्य कोई सक्षम आश्रित नहीं होने पर भाई की जगह विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।
विभाग ने उसका आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि अविवाहित भाई अनुकंपा नियुक्ति का पात्र नहीं है। इसे याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग के 28 अक्टूबर 2021 के परिपत्र के तहत आश्रित भाई भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार है। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 18 मई को आदेश जारी कर राज्य सरकार व जलदाय विभाग को याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार कर चार सप्ताह में अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए कहा था, लेकिन पांच महीने बाद भी उसे नियुक्ति नहीं मिली है।

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