सुरक्षा में सेंध लगा रहा पायरो-गन का नया चलन : नाम है कोल्ड गन, लेकिन बड़ा हादसा होने का रहता है अंदेशा
गोवा में पायरो गन चलाने से दो दर्जन से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत
संगीत और उत्साह से भरे आयोजनों में मुख्य आकर्षण बन रहे पायरो गन का उपयोग इंडोर ईवेंट्स में मनोरंजन के साथ खतरा भी बनता जा रहा है। ठंडी चिंगारियों का यह दृश्य देखने में जितना शानदार लगता है, उतनी ही गंभीर इसकी सुरक्षा जिम्मेदारी भी है। कोल्ड पायरो कहलाने के बावजूद यह एक उपकरण है, जिसका गलत इस्तेमाल हादसे का कारण बन सकता है।
जयपुर। संगीत और उत्साह से भरे आयोजनों में मुख्य आकर्षण बन रहे पायरो गन का उपयोग इंडोर ईवेंट्स में मनोरंजन के साथ खतरा भी बनता जा रहा है। ठंडी चिंगारियों का यह दृश्य देखने में जितना शानदार लगता है, उतनी ही गंभीर इसकी सुरक्षा जिम्मेदारी भी है। कोल्ड पायरो कहलाने के बावजूद यह एक उपकरण है, जिसका गलत इस्तेमाल हादसे का कारण बन सकता है। इसलिए पायरो गन का उपयोग केवल रोमांच के लिए नहीं बल्कि स्पष्ट नियमों के तहत होना चाहिए। एक छोटी चूक आयोजन को संकट में बदल सकती है।
क्या है पायरो गन
पायरो गन को कोल्ड पायरो गन या स्पार्कलर गन भी कहा जाता है। यह एक हैंडहेल्ड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिससे ट्रिगर दबाते ही ठंडी चिंगारियां ऊपर की ओर निकलती हैं। यह देखने में फुलझड़ी जैसा प्रभाव देती है। इसे पारंपरिक पटाखों की तुलना में सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इससे न तो तेज गर्मी निकलती है, न धुआं और न बदबू। पायरो गन आमतौर पर बैटरी (अधिकतर एए) बैटरी से चलती है और इसमें विशेष कोल्ड पायरो पाउडर या का्ट्रिरज का उपयोग होता है। यह रीयूजेबल होती है, यानी एक बार खरीदने के बाद केवल रिफिल बदलना पड़ता है।
कहां होता है इस्तेमाल
पायरो गन का इस्तेमाल आजकल शादियों में ब्राइड-ग्रूम एंट्री, वरमाला, गेस्ट वेलकम, बर्थडे पार्टी, न्यू ईयर सेलिब्रेशन, कॉन्सर्ट, डीजे नाइट, पब और स्टेज शो में तेजी से बढ़ा है।
कोल्ड होने के बावजूद खतरा क्यों?
इसे कोल्ड पायरो कहा जाता है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार गलत दिशा, ज्यादा नजदीक से इस्तेमाल या भीड़भाड़ वाले स्थानों में प्रयोग से आग लग सकती है। हाल के वषोंर् में कुछ क्लबों और ईवेंट्स में इससे आग लगने की घटनाएं सामने
आई हैं।
पायरो गन से आशंकित नुकसान
कपड़ों, सजावटी सामग्री या पदोंर् में आग लगने का खतरा।
बच्चों या भीड़ के बीच इस्तेमाल से जलने की आशंका।
बंद हॉल या क्लब में अफरातफरी और भगदड़ की स्थिति।
बचाव के तरीके विभागवार जिम्मेदारी
केवल प्रमाणित और अच्छी क्वालिटी की पायरो गन का उपयोग।
प्रशिक्षित ऑपरेटर से ही पायरो गन चलवाना चाहिए।
ज्वलनशील सजावट (कपड़ा, फोम, थर्माकोल) से दूरी बनाए रखना।
इमरजेंसी फायर एक्सटिंग्विशर की व्यवस्था।
फायर डिपार्टमेंट
बड़े इवेंट्स से पहले सुरक्षा निरीक्षण।
इंडोर इवेंट्स के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी करना।
पुलिस विभाग की भूमिका
भीड़ नियंत्रण और ईवेंट के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
हादसे की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स और जांच।
अवैध या खतरनाक उपकरण बेचने वालों पर निगरानी।
ये हुए हादसे
गोवा नाइटक्लब हादसा दिसंबर 2025: डांस परफॉमेंर्स के दौरान कोल्ड पायरो गन स्टिक्स इस्तेमाल की गईं। स्पार्क्स छत पर लगी बांस-फाइबर की ज्वलनशील सामग्री से टकराए, जिससे आग भड़क गई। हादसे में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर स्टाफ, कुछ टूरिस्ट समेत कई लोग घायल हो गए। यह हादसा इंडोर फायरवर्क्स का गलत इस्तेमाल और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी के कारण हुआ।
शादियों में हादसे
एक वीडियो में दुल्हन के हाथ में पायरो गन फट गई, स्पार्क्स से दूल्हे की पगड़ी में आग लग गई। ब्राइड ग्रूम के चेहरे या हाथों पर स्पार्क्स गिरने से जलन हुई।
इनका कहना है
पायरो गन का उपयोग खुले क्षेत्र में किया जाता है। हमारा रूफ टॉप क्लब है, जिसके लिए नगर निगम से विधिवत एनओसी प्राप्त की जाती है। इस गन में प्रयुक्त सामग्री वही होती है, जो नियंत्रित और मानक आतशिबाजी (अनार) में उपयोग की जाती है। इसका उपयोग पूर्णत: नियमों और सुरक्षा मानकों के अंतर्गत किया जाता है।
-विकास चौधरी
(मैनेजर, एस्टीरिया रूफ टॉप जयपुर)
पायरो गन का उपयोग खुले में करना चाहिए। बंद जगह पर इसका उपयोग करने से आग लगने की संभावना रहती है। हमारे क्लब में इसका उपयोग नहीं किया जाता।
-नितेश (मैनेजर, निजी क्लब)

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