12-13 सितम्बर को मोदी की अध्यक्षता में होगी प्रस्तावित बैठक: ब्रिक्स देशों के मंत्री आज से दो दिन जयपुर में करेंगे महामंथन
वैश्विक आर्थिक सहयोग पर महामंथन शुरू
जयपुर। जयपुर में गुरुवार से दो दिन ब्रिक्स देशों के मंत्री महामंथन करेंगे। यह मंथन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत होगा। दो दिवसीय इस मंथन के बाद भी कई बैठकें होगी। इनमें ब्रिक्स देशों के वाणिज्य और उद्योग मंत्री, वित्त मंत्री, सेंट्रल बैंक गवर्नर और पर्यटन मंत्री शामिल होंगे। सितंबर में नई दिल्ली में 12 और 13 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले जयपुर में होने वाली ये बैठकें बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
जयपुर में ब्रिक्स गतिविधियों का पहला बड़ा चरण 6 और 7 अगस्त को होगा। इन दो दिनों में ब्रिक्स देशों के उद्योग और व्यापार मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि जयपुर में जुटेंगे। बैठक होटल रामबाग पैलेस में होगी। इसमें भारत के साथ ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इंडोनेशिया सहित ब्रिक्स देशों के संबंधित मंत्री और प्रतिनिधि शामिल होंगे। भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने, डिजिटल कॉमर्स और ई-कॉमर्स फ्रेमवर्क विकसित करने तथा डैडम् क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके ही वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने पर भी विचार होगा।
सिटी पैलेस में शाही डिनर आज
ब्रिक्स देशों के मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए जयपुर में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और शाही मेहमाननवाजी का प्रदर्शन भी होगा। इसी कड़ी में 6 अगस्त की शाम सिटी पैलेस में भव्य गाला डिनर और रंगारंग सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। डिनर के दौरान विदेशी मेहमानों को राजस्थान की लोक संस्कृति, लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक आतिथ्य से रूबरू कराया जाएगा।
पर्यटन स्थलों का भ्रमण कल
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल 7 अगस्त को जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा। इसमें आमेर किला सहित जयपुर की प्रमुख विरासतों को शामिल किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल को जयपुर की ऐतिहासिक विरासत, स्थापत्य कला, राजस्थानी संस्कृति और पर्यटन क्षमता से रूबरू कराया जाएगा।

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