‘निरोगी एवं स्वस्थ राजस्थान’ का संकल्प धरातल पर तेजी से हो रहा साकार, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की चिकित्सा सेवाएं हो रही और अधिक सुदृढ़ एवं बेहतर

बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपए

‘निरोगी एवं स्वस्थ राजस्थान’ का संकल्प धरातल पर तेजी से हो रहा साकार, भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की चिकित्सा सेवाएं हो रही और अधिक सुदृढ़ एवं बेहतर

राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 2026-27 के बजट में 32,526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया, 2023-24 से 53% अधिक। 6.52 करोड़ आभा आईडी जारी, ई-संजीवनी से 20.33 लाख मरीजों को परामर्श। जे.के.लोन अस्पताल में 500 बेड आईपीडी टॉवर, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग, अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, पीएचसी-सीएचसी क्रमोन्नयन।

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य बजट 2026-27 में स्वास्थ्य कल्याण के क्षेत्र में 32 हजार 526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 से 53 प्रतिशत अधिक है। यह राज्य सरकार की ‘निरोगी एवं स्वस्थ राजस्थान’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बजट में चिकित्सा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल नवाचार, मानसिक स्वास्थ्य, निःशुल्क उपचार सहित विभिन्न क्षेत्रों पर फोकस कर उल्लेखनीय पहल की गई है।

6.52 करोड़ आभा आई.डी. जारी :

आरजीएचएस योजना, आयुष्मान वय वंदन योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना जैसी योजनाएं संचालित हैं, जो प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं। राजस्थान डिजीटल स्वास्थ्य मिशन तथा आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के अंतर्गत 6.52 करोड़ आभा आई.डी. जारी की गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित हुई है। चिकित्सकीय क्षेत्र में नवाचारों के तहत ई-संजीवनी टेलीमेडिसन के माध्यम से 20.33 लाख मरीजों को परामर्श दिया गया।

मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेशवासियों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाए। इसके तहत इस बार के बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 12 हजार 195 करोड़ रुपए, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 4 हजार 853 करोड़, परिवार कल्याण विभाग को एक हजार 798 करोड़, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग को 2 हजार 995 करोड़, आयुष के लिए 787.67 करोड़ तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण सहित कुल 32 हजार 526 करोड़ रुपए राज्य की चिकित्सकीय सुविधाओं के विस्तार पर व्यय किया जाएगा।

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जे.के.लोन अस्पताल में बनेगा 500 बेड क्षमता का आईपीडी टॉवर :

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बजट के तहत जयपुर के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय सुविधाओं के उन्नयन के लिए 865 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सशक्त इमरर्जेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम विकसित करते हुए शिशु मृत्यु दर को कम किया जाए। इस हेतु बच्चों को इलाज की बेहतर सुविधाओं के लिए जे.के.लोन अस्पताल में 500 बेड क्षमता के आईपीडी टॉवर की स्थापना की जाएगी। साथ ही, हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त आरयूएचएस हॉस्पिटल में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईपीडी मय निओनेटल आईसीयू भी विकसित किया जाएगा।

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मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार :

इस वर्ष के बजट में प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बजट में जोधपुर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 461 करोड़ रुपये, उदयपुर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 333 करोड़, कोटा चिकित्सा महाविद्यालय 341 करोड़, अजमेर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 345 करोड़, बीकानेर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 276 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इससे इन कॉलेजों में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, क्रिटिकल केयर तथा एमसीएच (ट्रोमा सर्जरी) के सुपर स्पेश्यलिटी कोर्स, अत्याधुनिक विश्राम गृह तथा स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता संवर्धन के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना सहित विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।

पीएचसी, सीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों का किया जाएगा क्रमोन्नयन :

राज्य सरकार प्रदेश के हर कोने में लोगों को मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। राज्य की आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्तमान में 267 अस्पताल, 849 सीएचसी, 2 हजार 875 पीएचसी, 15 हजार 292 उपकेन्द्र तथा 638 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित विभिन्न आयुर्वेद, होम्योपैथिक अस्पताल कार्यरत हैं। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में भी चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, सीएचसी से उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नयन, पीएचसी से सीएचसी में क्रमोन्नयन, उप स्वास्थ्य केंद्र से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में क्रमोन्नयन, नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण सहित विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे।

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