मुख्य सचिव ने किया नाबार्ड के 'स्टेट फोकस पेपर 2026-27' का विमोचन, राजस्थान के विकास के लिए ऋण योजनाओं पर चर्चा
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
'स्टेट क्रेडिट सेमिनार' आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने नाबार्ड का 'स्टेट फोकस पेपर 2026-27' जारी किया। पेपर में कृषि, एमएसएमई, शिक्षा, ऊर्जा, आवास और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए ऋण आवश्यकताओं का आकलन है। सेमिनार में ऋण वितरण रणनीति और ग्रामीण-शहरी आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा हुई।
जयपुर। राजस्थान के आर्थिक विकास को गति देने और प्राथमिक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को सुदृढ़ करने के उद्देश्य सेजयपुर में 'स्टेट क्रेडिट सेमिनार' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने नाबार्ड द्वारा तैयार किए गए 'स्टेट फोकस पेपर 2026-27' का विमोचन किया। रीको चेयरमैन और अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग और वाणिज्य शिखर अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर रवि बाबु ने बताया कि इस दस्तावेज में आगामी वित्त वर्ष के लिए कृषि, एमएसएमई (MSME), शिक्षा, ऊर्जा, आवास और सामाजिक बुनियादी ढांचे जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन किया गया है।
विकसित राजस्थान@2047 पर केंद्रित है ऋण योजना :
इस वर्ष का स्टेट फोकस पेपर विशेष रूप से 'विकसित राजस्थान@2047' के विज़न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें भारत सरकार, राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड की नीतियों का समावेश किया गया है ताकि आधार स्तर पर संस्थागत ऋण के प्रवाह को बेहतर दिशा दी जा सके।
सेमिनार की मुख्य बातें :
ऋण आकलन : राज्य की उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर ऋण की संभावनाओं को चिन्हित किया गया है।
समीक्षा : सेमिनार के दौरान पिछले और चालू वर्ष में बैंकों व नाबार्ड द्वारा की गई पहलों की समीक्षा की गई।
रणनीति : आगामी वित्त वर्ष में ऋण वितरण को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों और बैंक प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
यह सेमिनार राजस्थान के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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