राजस्थान विधानसभा : कॉलेजों में खाली पदों पर विधायक और मंत्री में हुई बहस, पूर्ववर्ती सरकार को ठहराया जिम्मेदार
महाविद्यालयो में रिक्त पदों का सवाल उठाया
राजस्थान विधानसभा में खेरवाड़ा क्षेत्र के महाविद्यालयों में रिक्त पदों को लेकर विधायक दयाराम परमार और उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के बीच बहस हुई। बैरवा ने कहा कि पद न्यायालय निर्देश, लोक सेवा आयोग नियम और वित्त विभाग अनुमति के आधार पर भरे जाएंगे।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में कॉलेजों में खाली पदों को लेकर विधायक और मंत्री में बहस हो गई। मंत्री ने इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
विधायक दयाराम परमार ने खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में महाविद्यालयो में रिक्त पदों का सवाल उठाया। परमार के सवाल पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जवाब दिया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग से नियम अनुसार पदों को भरा जा सकेगा। पदोन्नति के आधार पर भी भरा जाएगा। दयाराम परमार ने कहा कि महाविद्यालय चल रहे और पद खाली है, क्या इस व्यवस्था से उप मुख्यमंत्री खुश है। बैरवा ने कहा कि रिक्त पद में 292 से 192 प्राचार्य कार्यरत है, न्यायालय द्वारा वरिष्ठता सूची स्थगन होने की वजह से पदोन्नति सूची नहीं निकली है।
न्यायालय से दिशा निर्देश के बाद ही हम पदोन्नति से प्राचार्य के पद भर सकेंगे। हमने रिक्त पदों को बढ़ाने के लिए वित्त विभाग से अनुमति ली है, ताकि डेपुटेशन पर भी लगाया जा सके, ताकि शीघ्र ही प्राचार्य के पद भरे जा सके।वदयाराम परमार ने पूरक प्रश्न में पूछा कि चपरासी से लेकर लेक्चरर सभी संविदा पर लगे हुए हैं। डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि उनकी सरकार के कारनामे हमें भुगतने पड़ रहे हैं, इन्होंने महाविद्यालय खोल दिया और पदों की व्यवस्था नहीं की, केवल विद्या संबल से लगा दिए गए, फिर भी हम वैकेंसी निकाल रहे और खाली पदों को भर रहे।

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